बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश अभय श्रीवास्तव ने भुता थाना क्षेत्र के गांव फैजान नगर निवासी मंजू देवी के बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत दायर आवेदन को खारिज कर दिया गया है। मंजू देवी ने महिला डॉक्टर पर नसबंदी में लापरवाही और शिकायत पर जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने का आरोप लगाते हुए कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। उसकी अर्जी की विस्तृत जांच में आरोप पुष्ट नहीं हुए।
मंजू देवी ने आरोप लगाया कि उसने वर्ष 2015 में फरीदपुर स्थित सरकारी महिला अस्पताल में नसबंदी का ऑपरेशन करवाया था। इस दौरान ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर को बताया था कि वह आठ महीने की गर्भवती है, फिर भी डॉक्टर ने नसबंदी का ऑपरेशन कर दिया। नसबंदी के बावजूद वह फिर से गर्भवती हो गई। इसके बाद तीन जुलाई 2018 को उसने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। 22 दिसंबर 2025 को तत्कालीन उसे सीएमओ ने अपने कार्यालय बुलाया। यहां उससे कुछ कागजात पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा।
इन्कार करने पर अपमानित किया। जबरदस्ती उससे और उसके पति से खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाए और अंगूठे के निशान लिए। मंजू देवी ने जुलाई 2026 में इस पर कार्रवाई के लिए अर्जी दी। इस पर कोर्ट ने थाना पुलिस ने विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की। जांच में आरोपी पुष्ट नहीं हुए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई संबंधी अर्जी को निरस्त कर दिया।
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गवाहों मुकरे, हत्या और गैंगस्टर का आरोपी दोषमुक्त
बरेली। स्पेशल जज संतोष कुमार यादव ने हत्या और गैंगस्टर एक्ट के आरोपी कैंट थाना क्षेत्र के गांव बारी नगला निवासी डालचंद्र को दोषमुक्त करार दिया है। इसी मामले में एक अन्य आरोपी भुता थाना क्षेत्र के गांव केसरपुर निवासी रीतराम की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। मामले की सुनवाई के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों ने घटना अपने सामने होने की बात से इन्कार कर दिया।
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के गुलाबनगर फूल शाह की जमान निवासी राकेश गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बहन पूनम गुप्ता इज्जतनगर की सैनिक कॉलोनी की गली नंबर चार में किराये के मकान में रहती थी। उसकी बहन व किरायेदार डालचंद्र के बच्चों में अक्सर कहासुनी होती रहती थी। एक मई 2008 को डालचंद्र अपने एक साथी को लेकर उसकी बहन के घर में घुस आया और दोनों ने तमंचे से गोली मारकर उसकी बहन की हत्या कर दी। घटना को उसकी भांजी सोनम, बॉबी और शानू ने देखा।
विवेचना के बाद पुलिस ने डालचंद्र और रीतराम के खिलाफ हत्या और गैंगस्टर एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ठोस साक्ष्य नहीं दे सका। सोनम, बॉबी और शानू ने बयान में कहा कि उन्होंने घटना नहीं देखी। वह स्कूल में थे। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने डालचंद्र को दोषमुक्त करार दिया है।