बरेली। शटडाउन लिए बिना बिजली लाइन ठीक करने पोल पर चढ़े संविदाकर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। संविदा कर्मचारियों का आरोप है कि जेई ने संविदाकर्मी पर शटडाउन लिए बिना बिजली लाइन ठीक करने का दबाव बनाया था। उनके पास सुरक्षा उपकरण भी नहीं थे। हादसे में दूसरा लाइनमैन बाल-बाल बच गया। मृतक के परिजन भी आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, देर रात तक उनकी ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
डोहरा मोड़ के पास स्थित गांव डोहरिया निवासी किशनपाल (35) हरुनगला उपकेंद्र पर संविदाकर्मी के रूप में तैनात थे। उपकेंद्र पर मोहम्मद उस्मान, विजय सिंह, अमर सिंह व अरविंद एसएसओ और राहुल श्रीवास्तव जेई हैं। बृहस्पतिवार को किशनपाल आंवला स्थित अपनी ससुराल गए थे। दोपहर में उपकेंद्र से उनको कॉल करके कहा गया कि हवा के कारण कई इलाकों में लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं। ऐसे में उनका आना जरूरी है। किशनपाल दोपहर बाद उपकेंद्र पहुंच गए। उस समय एसएसओ के रूप में अरविंद की ड्यूटी थी। जेई राहुल श्रीवास्तव ने किशनपाल और दूसरे संविदाकर्मी रियासत अली को डोहरा मोड़ पर लाइन ठीक करने के लिए भेज दिया। लाइन ठीक करने से पहले शटडाउन भी नहीं दिया गया।
बिना शटडाउन के ही किशनपाल बिजली के खंभे पर चढ़ गए। उनके पास बेल्ट भी नहीं थी। रियासत अली नीचे था। लाइन ठीक करते समय किशनपाल को करंट लग गया और वह पोल से नीचे गिर गए। आनन-फानन में उनको निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई। देर रात तक विद्युत निगम का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जेई राहुल श्रीवास्तव का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
शटडाउन लिए जाने के बाद ही लाइन पर काम कराया जाना चाहिए था। प्रारंभिक सूचना के अनुसार पोल से गिरने के कारण संविदाकर्मी के सिर में गंभीर चोट आई थी। इस कारण उसकी मौत हो गई। शटडाउन लिया गया था या नहीं, इसकी जांच कराई जाएगी। अगर किसी की लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई की जाएगी। - गौरव शुक्ला, अधिशासी अभियंता चतुर्थ खंड