With the exception of the Shehla Shivpal tawqeer
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
शिवपाल का कद क्या घटा शहला ताहिर ने उनकी सपा से ही मुंह मोड़ लिया। अब उन्होंने मौलाना तौकीर रजा खां का दामन पकड़ा है और नवाबगंज विधान सभा से सपा के खिलाफ आईएमसी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरेंगी।
सौदागरान स्थित इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) कार्यालय पर शहला के शामिल होने की घोषणा पार्टी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां ने प्रेस के सामने की। साथ ही नवाबगंज विधान सभा सीट से टिकट के साथ सिंबल भी दे दिया है। उन्होंने बताया कि वह इस बार बरेली जनपद की नौ सीटों में तीन पर महिलाओं को टिकट दे रहे हैं। बाकी की छह सीटों पर हिंदू प्रत्याशी उतारेंगे। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और हिंदू मुस्लिम एकता को बढ़ावा देने के लिए यह निर्णय लिया है। क्योंकि 2019 की है जब भाजपा सत्ता में आने के लिए माहौल खराब करने कोशिश कर सकती है। हम उससे पहले इंसानी रिश्तों को मजबूत करना चाहते हैं।
सपा से गठबंधन नहीं
मौलाना तौकीर ने कहा कि पहले मुलायम सिंह यादव से बात चल रही थी। मुलायम सिंह पहले ही कह चुके हैं कि अखिलेश मुस्लिम विरोधी हैं तो उनसे गठबंधन का सवाल ही नहीं है। बड़ी पार्टियों ने बड़ा नुकसान किया है। इसलिए छोटी पार्टियों का गठबंधन होगा।
आजम के खिलाफ नहीं लड़ेंगे
आईएमसी मुखिया मौलाना तौकीर रजा खां सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री आजम के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारेंगे। हम चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशी लड़ाना चाहते हैं। वैसे भी आजम खां ने क्षेत्र में काफी काम किया है। अलबत्ता उनके बेटे के विधान सभा क्षेत्र स्वार से आईएमसी प्रत्याशी भी होगा।
शहला का निशाना भगवत पर
बरेली। नवाबगंज चेयरमैन शहला ताहिर ने कहा कि नवाबगंज की जनता 25 साल से उत्पीड़न झेल रही है। सपा ने ऐसे प्रत्याशी को फिर टिकट दे रही है जिसने जनता का कोई काम नहीं किया। मुस्लिम वोट लेने के बाद भी यही कहा कि मुस्लिमों का वोट नहीं मिला। मुलायम सिंह ने नब्ज को भांप लिया था और मुझे टिकट दिया मगर अखिलेश जी नहीं समझ पाए।