बरेली। सर्दियों की शुरुआत होते ही अंडे के भाव भी बढ़ गए हैं। केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान (सीएआरआई) इज्जतनगर की ओर से जारी सूची पर गौर करें तो गर्मियों के सापेक्ष अब मुर्गी का अंडा करीब डेढ़ गुना और बटेर का ढाई गुना तक जा पहुंचा है। बाजार में फार्म वाले अंडे के भाव भी डेढ़ गुना तक बढ़ गया है। वहीं, गर्मी में 220 से 250 रुपये प्रति किलो बिकने वाला चिकन अब 160 से दो सौ रुपये किलो तक बिक रहा है। हालांकि, मटन के भाव पांच से छह सौ रुपये प्रति किलो हैं।
सप्ताहभर पहले सीएआरआई की प्राइस फिक्सेशन कमेटी की बैठक हुई थी। इसकी संस्तुति पर परिसर की उन्नत नस्ल की मुर्गियों और बटेर के अंडों की कीमत तय हुई थी। गर्मियों में मुर्गी के अच्छी श्रेणी के अंडे 140 रुपये प्रति किलो बिक रहे थे। अब ये 220 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। डेढ़-दो रुपये प्रति पीस मिलने वाला बटेर का अंडा अब पांच रुपये पहुंच गया है। मुर्गी के चटके अंडे 110 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं। गर्मियों में इनकी कीमत 50-60 रुपये प्रति किलो तक थी। हालांकि, कीमत बढ़ने के बावजूद इनकी जबरदस्त मांग है।
वैज्ञानिक प्रो. जयदीप रोकड़े के मुताबिक सीएआरआई के अंडे बाजार में मिलने वाले अंडे से कई गुना ज्यादा पौष्टिक होते हैं। बाजार में बिकने वाले अंडे दस दिन में खराब हो जाते हैं, पर संस्थान में बिक रहे अंडे माहभर तक सुरक्षित रहते हैं। अलग पहचान के लिए जल्द स्टांपिंग होगी।
बाजार में बरेली मंडल समेत काशीपुर से अंडे मंगाए हैं। सेटेलाइट तिराहे पर अंडे का स्टॉल लगाने वाले भोला के मुताबिक गर्मी में 30 अंडे की एक क्रेट 140 रुपये की थी। अब उसकी कीमत दो सौ रुपये है। कारोबारियों ने अपनी पहचान के लिए अंडों के नाम भी रखे हैं। शेर-ए-पंजाब, गोल्डन एग, तिरंगा नाम से अंडे बाजार में उपलब्ध हैं। इनकी कीमतों में भी फर्क है।