बरेली। रामगंगा नदी के पुल की अप्रोच रोड के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि आईआईटी रुड़की के अभियंताओं की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। जब तक रिपोर्ट नहीं आती है, तब तक अप्रोच रोड को लेकर कोई निर्णय नहीं हो सकेगा। इस बीच आईआईटी रुड़की के अभियंताओं ने रामगंगा नदी के प्रवाह का अध्ययन करने के बाद माडल तैयार किया है। लोक निर्माण विभाग के अभियंता मॉडल को देखने रुड़की जाएंगे। उसके बाद आगे की प्रक्रिया होगी।
बरेली के फरीदपुर से बदायूं के दातागंज को यही पुल जोड़ता है। यह इसी पर गूगल मैप देखकर कार सवार तीन युवक 24 नवंबर 2024 को चढ़े थे। पुल का एप्रोच रोड न होने के कारण कार गिरने से तीनों युवकों की मौत हो गई थी। पुल की अप्रोच रोड नदी के प्रवाह बदलने से बह गई थी। नई अप्रोच रोड बनाने से पहले लोक निर्माण विभाग ने आईआईटी के अभियंताओं से अध्ययन कराने का निर्णय लिया था। इसके लिए आईआईटी रुड़की को 30 लाख रुपये दिए गए थे। टीम ने नदी के प्रवाह के बारे में सेटेलाइट से ली गई तस्वीरों के आधार पर भी अध्ययन किया। अध्ययन के आधार पर नदी के प्रवाह का मॉडल बनाया गया है। अब रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाना है। अधीक्षण अभियंता केके सिंह ने बताया कि मॉडल देखने के लिए बदायूं के अभियंता रुड़की जाएंगे। तब उनके अध्ययन का निष्कर्ष सामने आएगा। अमर उजाला ब्यूरो