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झाडू़ लगाएंगे या घर में  सो जाएंगे ये ग्रेजुएट

Sat, 17 Dec 2016 01:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
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Will broom or home These graduates will go to sleep - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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अनिकेत स्पोर्ट्स बाइक से घूमते हैं और लेेटेस्ट फै शन पर उनकी नजर रहती है। बीएड की डिग्री एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से ली है और अब सीबीएसई स्कूल में पढ़ाते हैं। नगर निगम में संविदा सफाई कर्मी की भर्ती निकली तो उन्हाेंने भी आवेदन कर दिया। 
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या तो शिक्षा की बेकदरी है या फिर बेरोजगारी। जो बीएड, बीटेक और एलएलबी करने वाले युवाआें को भी सफाई कर्मी पद के लिए आवेदन करना पड़ रहा है, जबकि इसमें योग्यता मात्र साक्षर से आठवीं क्लास मांगी गई है। इस पर भी अगर अभ्यर्थियों का नजरिया बदला हो, स्वच्छता अभियान के प्रति अलख जगी हो तो बात अलग होगी, लेकिन अभ्यर्थियाें का सपना है कि वे सुरक्षित नौकरी पा जाएं।
 नगर निगम की संविदा सफाई कर्मी भर्ती में इस समय सुबह आठ बजे से 12 बजे तक शहर के कई इलाकों में चेस्ट नंबर लगाए नए रंगरूट झाडू़ लगाते और नालियां साफ करते मिल जाएंगे। दरअसल, यह उनका प्रैक्टिकल चल रहा है कि सफाई के प्रति उनको कितनी समझ है। 67 हजार अभ्यर्थियाें ने 302 पदाें के लिए आवेदन किया है।
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जॉब सिक्योरिटी के लिए किया है आवेदन
प्रतापगढ़ से बीए करने वाले अजय कुमार बताते हैं कि वह इस समय एक कंपनी में लिखा पढ़ी का काम करते हैं। सफाई कर्मी की नौकरी जॉब सिक्योरिटी के लिए चाहते हैं। हालांकि इस बात को नकारते हैं कि नौकरी पाने के बाद वह काम नहीं करेंगे। बीएड करने वाले अनिकेत बताते हैं कि अधिकतर लोग यही चाहते हैं कि वह नौकरी पा जाएं और दूसराें को उसकी जगह काम पर लगाकर अपना कुछ और क रें। एलएलबी कर चुके कमलेश कहते हैं कि शायद हम युवा लोग नौकरी में आए तो कुछ बदले। हालांकि जॉब सिक्योरिटी इन्हाेंने भी कहा। बीकॉम करने वाले सोनू कुमार भी सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं। इसलिए आवेदन किया है। 

ऐसा नहीं है कि पढ़े लिखे लोग सफाई कर्मी नहीं बन सक ते, लेकिन हमारा सिस्टम इतना खराब है कि बेरोजगाराें को उनकी योग्यता के मुताबिक नौकरी नहीं मिल रही है। रिटायर्ड लोगाें को दोबारा नौकरी पर रखा जा रहा है। सफाई कर्मी के आवेदन करने वाले 90 फीसदी लोगाें की मंशा नौकरी पाकर अपनी जगह दूसरों को लगाना है, लेकिन नौकरी पाना ये बेहद जरूरी समझ रहे हैं। 
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- डॉ. हेमा खन्ना, मनोविशेषज्ञ, बरेली कॉलेज
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