बरेली। भटके हुए हाथियों को वापस नेपाल भेजने में यूपी की वन विभाग की टीम के नाकाम रहने के बाद अब हांका लगाने में एक्सपर्ट माने जाने वाले पश्चिम बंगाल के छह वनकर्मियों की टीम को भी बुलाया गया है। यह टीम बरेली के लिए रवाना हो चुकी है जो रविवार शाम तक पहुंच जाएगी। असम से भी एक्सपर्ट की एक टीम शनिवार को यहां पहुंच गई है।
नेपाल के उत्पाती हाथी पिछले दस दिनों में बरेली और रामपुर में एक फॉरेस्ट गार्ड समेत चार लोगों को मार चुके हैं। चार दिन से दोनों हाथी बरेली के गांवों में उत्पात मचा रहे हैं। तमाम गांवों में इससे दहशत का माहौल है। हाथियों को नेपाल वापस भेजने के लिए पूरे बरेली मंडल के साथ लखीमपुर और सीतापुर के वनकर्मियों की टीम कई दिनों से लगी हुई है। उत्तराखंड और दिल्ली से कई विशेषज्ञों के साथ डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अधिकारी और झांसी और गोंडा के मुख्य वन संरक्षक भी जुटे हुए हैं। हाथियों को हांका लगाकर उनके घर वापस पहुंचाने की लगातार कोशिश की जा रही है, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है। दरअसल हांका लगाने में जुटे वनकर्मी इस काम के लिए प्रशिक्षित ही नहीं हैं। यही वजह है कि कामयाबी नहीं मिल पा रही है। वन विभाग के आला अधिकारी भी यह बात स्वीकार कर रहे हैं।
अब वन विभाग के अधिकारियों की पहल पर असम से एक्सपर्ट डॉ. कुशल कुंवर शर्मा शनिवार रात अपनी टीम के साथ यहां पहुंच गए हैं। मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा ने बताया कि पश्चिम बंगाल में हांका लगाने प्रशिक्षित वनकर्मी हैं। उन्होंने बंगाल के अधिकारियों से संपर्क कर उनसे एक टीम मांगी है। इसके बाद पश्चिम बंगाल से छह वनकर्मियों की हांका टीम शनिवार दोपहर बरेली चल दी है, जिसके रविवार शाम तक यहां पहुंचने की संभावना है। यह टीम आने के बाद नए सिरे से हांका शुरू कराया जाएगा।