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हाथियों ने वन विभाग टीम पर किया हमला, फॉरेस्ट गार्ड की मौत

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बरेली। तीन लोगों की जान जाने के बाद नेपाल से भटककर आए हाथियों को वापस नेपाल के जंगलों में खदेड़ने के लिए वन विभाग के उच्चाधिकारियों को बरेली में इकट्ठा करना किसी काम नहीं आया। हाथी कोई और जान न ले लें, इसके लिए उनकी निगरानी के लिए वन विभाग की जो टीम लगाई गई थी, हाथियों ने बुधवार को उसी टीम में शामिल फॉरेस्ट गार्ड हेमंत को भी मार डाला जबकि दूसरे फॉरेस्ट गार्ड छेदालाल घायल हो गए। शीशगढ़ के पास तिगड़ी गांव में हुई इस घटना के बाद जिला मुख्यालय से उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। शाम को हाथियों को उत्तराखंड की तरफ खदेड़ने के लिए हांका लगवाया गया लेकिन काफी भागदौड़ के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकला। देर शाम तक वन विभाग के अफसरों के साथ पूरा अमला मौके पर ही जमा हुआ था।
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करीब सप्ताह भर पहले नेपाल के जंगल से भटके दो हाथी बहेड़ी इलाके में पहुंचे थे और तबसे लगातार बरेली और रामपुर के बीच उत्पात मचा रहे हैं। 27 जून को हाथियों ने पहला हमला कर बहेड़ी इलाके में एक किसान को मार डाला था। इसके बाद अगले दिन दोनों हाथी रामपुर की ओर निकल गए। रामपुर जिले में भी उन्होंने दो लोगों को मार डाला। मंगलवार को हाथी रामपुर जिले से वापस बरेली जिले की सीमा में पहुंच गए। इस बीच हाथियों को घेरकर दोबारा नेपाल के जंगलों की ओर खदेड़ने के लिए शासन ने वन संरक्षक और मुख्य वन संरक्षक स्तर के कई अफसरों को बरेली पहुंचने का निर्देश दिया। बुधवार सुबह हाथी शीशगढ़ के तिगड़ी गांव के पास दिखे तो वहां गांव वालों की भीड़ लग गई। भीड़ देखकर हाथी वहां से आगे निकल गए। इसकी अफसरों को सूचना दी गई और फिर अफसरों के निर्देश पर फॉरेस्टर गुलशन अमरेश, रमेश चंद्र शुक्ल और फॉरेस्ट गार्ड हेमंत कुमार और छेदालाल तिगड़ी पहुंचे। उनके पीछे विभाग की एक और टीम लगाई गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हाथियों की टोह लेते हुए यह टीम जब उनके करीब 50 मीटर नजदीक पहुंची, तभी बड़ा नर हाथी अचानक आक्रामक होकर उसकी तरफ दौड़ पड़ा। टीम में डंडा लेकर हेमंत कुमार ही सबसे आगे चल रहे थे। वनकर्मियों ने भागने की कोशिश की लेकिन हाथी ने उन्हें सूंड़ से उठाकर पटक दिया। हेमंत गंभीर रूप से घायल हो गए। फॉरेस्ट गार्ड छेदालाल भी घायल हो गए। उनके साथी जान बचाकर भाग निकले। इसके बाद हेमंत को उठाकर हाथियों की पहुंच से दूर ले जाया गया और फिर भोजीपुरा में राममूर्ति मेडिकल कॉलेज भेजा गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर मुख्य वन संरक्षक रुहेलखंड ललित वर्मा, मुख्य वन संरक्षक झांसी पीपी सिंह, डीएफओ भारतलाल समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर शाम तक हाथियों को खदेड़ने की कोशिश की जाती रही लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिली।
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हवा में गोलियां दागकर बचे इंस्पेक्टर शीशगढ़
हाथियों के आसपास गांव वालों की मौजूदगी की सूचना पर इंस्पेक्टर शीशगढ़ श्याम सिंह भी तिगड़ी गांव पहुंचे थे। जिस वक्त हाथियों ने वन विभाग की टीम पर हमला किया, वह उसी टीम के साथ थे। फॉरेस्ट गार्ड हेमंत कुमार को सूंड़ से उठाकर पटकने के बाद हाथी जब दूसरे लोगों पर हमलावर हुआ तो श्याम सिंह ने अपनी सर्विस पिस्टल निकालकर दो गोलियां चलाईं। इसके बाद हाथी ठिठके और फिर दूर चले गए। तब कहीं इंस्पेक्टर और बाकी लोगों की जान बच पाई।

हेमंत फरीदपुर रेंज में तैनात थे। हाथियों की निगरानी के लिए भेजी गई टीम में वह शामिल थे। हाथियों ने अचानक हमला कर उन्हें मार डाला। घटना काफी दुखद है। हाथियों को नेपाल के जंगल भेजने की कोशिश की जा रही है। हेमंत के परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। -ललित कुमार वर्मा, मुख्य वन संरक्षक
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