तिकुनियां (लखीमपुर खीरी)। खेत पर गुरुवार दोपहर भैंसें चराने गए किसान को बाघ ने मार डाला। शुक्रवार को उसका अधखाया शव बरामद हुआ। घटना से परिजन में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने पदचिह्नों से बाघ के हमले की पुष्टि की। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कोतवाली क्षेत्र के मंझेरा पूरब निवासी किसान प्यारेलाल (66) गुरुवार दोपहर खेत पर भैंसें चराने गया था। देरशाम तक जब वह नहीं लौटा तो परिजन उसे खोजने के लिए निकल पड़े, लेकिन देर रात तक उसका कोई सुराग नहीं लगा। शुक्रवार सुबह परिजन के साथ गांव के लोग उसे तलाश करते हुए जौरहा नदी के गाय घाट पर पहुंचे। वहां पर उनको भैंसें चरती हुई मिलीं। भैंसें मिलने के बाद ग्रामीण प्यारेलाल की तलाश कर रहे थे इसी दौरान गाय घाट से कुछ दूरी पर एक झाड़ी में मानव शरीर के अवशेष दिखाई पड़े। ग्रामीणों के मुताबिक भैंस घास आदि खाकर नदी में पानी पीने गईं होंगी। इसी दौरान दो भैंसें नदी के उस पार चली गईं। उन भैंसों को हांकने के लिए वह नदी के दूसरी तरफ गए जहां पर बाघ ने उनको मार डाला। सूचना पर पहुंचे बेलरायां रेंज के रेंजर दिनेश बडोला ने बताया कि जंगल किनारे जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। पदचिह्नों को देखकर लगता है बाघ ने ही हमला किया, जिससे प्यारेलाल की मौत हो गई। उनके परिवार वालों को हरसंभव मदद दी जाएगी।
परिवार वालों का रो रोकर बुरा हाल
मृतक प्यारेलाल के बेटे त्रिमोहन और उनकी पत्नी मइकिन समेत सभी का रोरोकर बुरा हाल है। त्रिमोहन ने बताया कि उन्होंने अपने पिता को जंगल किनारे भैंस चराने से मना किया था, लेकिन वह नहीं माने।
जंगल किनारे खेत में लगे पके धान.. कैसे हो कटाई
जंगल किनारे खेतों में धान पककर खड़े है। जिनकी कटाई से किसान घबरा रहे हैं। दलराजपुर के ज्ञान सिंह को छह अक्तूबर को बाघ ने मार डाला था। चार दिन में दो मौतों से किसान खेतों की ओर जाने से घबरा रहे हैं।
जंगल के चारों तरफ बेरिकेडिंग कराने की मांग
लोगों ने जंगल के चारों तरफ बेरिकेडिंग कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि जंगली जानवर, बाघ, तेंदुआ, हाथी, जंगली भालू, भेड़िया आदि जंगली जानवरों के हमले से आए दिन किसान परेशान रहते हैं। जंगल के बाहर यदि तारों से बेरिकेडिंग करा दी जाए तो जानवरों का खतरा कम रहेगा।