बहेड़ी। मिंतरपुर निवासी डोरीलाल की हत्या का राज मंगलवार शाम खुल गया। वारदात के पीछे प्रेम संबंधों की वजह से रिश्ते के कत्ल का घिनौना सच सामने आया। हत्या की सूत्रधार नगर के मोहल्ला केशवपुरम में रहकर दायी का काम कर रही डोरीलाल की पत्नी कलावती ही थी। उसने प्रेमी को डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर पति को मरवा दिया। मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी समेत चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
तीस नवंबर की सुबह डोरीलाल का शव खिरना माइनर के पास मिला। शिनाख्त हुई तो कलावती शव के पास फूट फूटकर रो रही थी। डोरीलाल के भाई थाने में कलावती पर भाई की हत्या का आरोप लगा रहे थे। वहीं कलावती पति के भाईयों पर सुहाग उजाड़ने का आरोप लगा रही थी।
प्रभारी निरीक्षक सुबेदार सिंह यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या की पुष्टि के बाद पुलिस ने खामोशी से डोरीलाल और कलावती के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगवा दिए। इसके आधार पर संदिग्धों से पूछताछ की तो राज खुलने लगा। महिला पुलिस ने सख्ती की तो वह टूट गई। उसने रूपकिशोर, बांधूराम और युधिष्ठिर के नाम बताये। पुलिस ने तीनों से सख्ती की तो केस खुल गया। खमरिया के बांधूराम ने बताया कि उसके कलावती से प्रेमसंबंध थे। डोरीलाल ने इस पर आपत्ति जताई। बंदिश से असहज कलावती ने डोरीलाल की हत्या की ठान ली। हत्या के बदले उसे डेढ़ लाख रुपये देने को कहा। दस हजार पेशगी भी दी। उसने अपने मामा रूपकिशोर निवासी गौंटिया कनमन को डोरीलाल की हत्या के लिए राजी कर लिया।
बांधूराम के मुताबिक उसे एक और मददगार की जरूरत थी। राई नवादा के युधिष्ठिर पर उसके तीस हजार रुपये उधार थे। उसने तुरंत रकम देने का दबाव बनाया। युधिष्ठिर ने मोहलत मांगी तो उसने हत्या में मदद पर रकम माफ करने का लालच दिया। तब युधिष्ठिर भी उनके साथ आ गया। 29 नवंबर की रात बांधूराम डोरीलाल के घर पहुंचा। गिले शिकवे दूर करने की बात कहकर उसे बाइक में बैठाकर बरा गांव ले गया। वहां होटल पर रूपकिशोर और युधिष्ठिर मौजूद मिले। सभी ने शराब पी। तब बांधूराम डोरीलाल को गांव छोड़ने के बहाने बाइक पर बैठाकर चल दिया। पीछे दूसरी बाइक से रूपकिशोर और युधिष्ठिर भी चल दिये। खिरना माइनर पर बाइक रोककर बांधूराम ने डोरीलाल से झगड़ा शुरू कर दिया। गमछे से डोरीलाल का गला कस दिया। रूपकिशोर और युधिष्ठिर ने भी मदद की। हत्या के बाद शव को वहीं फेंककर वे लोग फरार हो गये।
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अंत्येष्टि के वक्त भी हत्यारों से बात कर रही थी कलावती
सर्विलांस की मदद से पुलिस इस हत्याकांड को खोल सकी। दरअसल हत्या के बाद कलावती बेफिक्र थी कि उसके प्लान पर किसी को शक भी हो सकता है। पति के अंतिम संस्कार के वक्त भी वह आरोपियों से मोबाइल पर बात कर रही थी। आरोपी उससे सुपारी की तय हुई रकम मांग रहे थे और वह जमीन बेचने के बाद रकम देने का दावा कर रही थी।
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पत्नी से आहत होकर गांव में रहता था डोरीलाल
केशवपुरम में मकान बनाकर अवैध रुप से क्लीनिक चलाकर दायी बतौर काम करने वाली कलावती राठौर ने पहले तीन बार कुछ और लोगों को पति की हत्या की सुपारी दी थी। लोग उससे रकम ठगते रहे। डोरीलाल पर वह उसकी 18 बीघा जमीन बेचने का अक्सर दबाव बनाती थी। इसके चलते परेशान होकर डोरीलाल अपने पैतृक गांव मिंतरपुर में जाकर रहने लगा।