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Bareilly News: विधवा पेंशन में धांधली, डीएम ने डीपीओ के विरुद्ध शासन को लिखा पत्र

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बरेली। विधवा पेंशन में अपात्रों की भरमार है। बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट पहुंची विधवा ने डीएम को बताया कि उसे मृत दिखाकर उसकी पेंशन रोक दी गई है। इससे नाराज डीएम ने डीपीओ मोनिका राणा के विरुद्ध कार्रवाई के लिए महिला कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। इधर, पुलिस की जांच में 56 अपात्रों के खातों में 1.23 करोड़ रुपये विधवा पेंशन जाने का खुलासा हुआ है। इससे महिला कल्याण विभाग के साथ जिला प्रशासन की मॉनीटरिंग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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भुता ब्लॉक के अहिरौला गांव की विद्या देवी ने डीएम के सामने पेश होकर बताया कि पति की मौत हो चुकी है। उसे विधवा पेंशन मिल रही थी, लेकिन विभागीय पोर्टल पर उसे मृत दिखाकर पेंशन रोक दी गई। इस पर डीएम अविनाश सिंह ने डीपीओ को तत्काल इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि इस तरह के 11 मामले डीएम के सामने आ चुके हैं। स्पष्ट है कि महिला कल्याण विभाग में पात्र विधवाओं को मृत दिखाकर उनकी पेंशन रोकने का भी खेल चल रहा है। दाेबारा पेंशन बहाल करने के बदले वसूली भी की जा रही है।
विधवा पेंशन लेने वाली सुहागिनों के मामले भी सुर्खियों में हैं। यह स्थिति तब है जब हर साल अप्रैल-मई में एक-एक लाभार्थी का सत्यापन होता है। जिले में करीब 97 हजार महिलाओं को विधवा पेंशन दी जा रही है। मई में 61 सुहागिनों के पांच-छह वर्षों से विधवा पेंशन लेने का मामला सार्वजनिक हुआ था। इसमें आलमपुर जाफराबाद के भीमपुर की जेठानी-देवरानी भी छह साल से विधवा पेंशन लेती मिली थीं, जबकि दोनों सुहागिन हैं। वर्ष 2023 में भी आंवला तहसील में ही 34 सुहागिनों के विधवा पेंशन लेने की बात सार्वजनिक हुई थी। पूरे मामले की जांच के लिए डीएम ने आंवला एसडीएम को मई में ही निर्देश जारी किए थे, जांच आज तक पूरी नहीं हो पाई है।
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अपात्रों का सत्यापन करने वालों के साक्ष्य नहीं : जांच अधिकारी

जांच अधिकारी/एसडीएम आंवला विदुषी सिंह का कहना है कि पूर्व में हुई जांच में 70-80 सुहागिनों की तरफ से विधवा पेंशन लेने का मामला सामने आया है। इसमें वसूली के लिए आरसी जारी है। इन मामलों की उन्हें जांच करनी है कि हर साल सत्यापन प्रक्रिया के बाद भी इन महिलाओं को विधवा पेंशन कैसे मिलती रही? सत्यापन करने वाले कौन थे, उनके नाम नहीं मिल पा रहे हैं। इसके लिए एसडीएम ने ब्लॉक और जिला प्रोबेशन अधिकारी से भी कई बार पत्राचार किया। एसडीएम ने कहा कि यही कारण है कि अपात्रों को पेंशन मिलने में कौन अधिकारी-कर्मचारी या अन्य व्यक्ति दोषी है, उसके साक्ष्य के अभाव में जांच अब तक अधूरी है। संवाद


विद्या देवी को मृत दिखाकर उसकी पेंशन रोकने के प्रकरण की जांच एडीएम सिटी को दी है। रिपोर्ट मिलने पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करेंगे। विधवा पेंशन में अपात्रों के मामले में डीपीओ की कार्यशैली उचित नहीं है। उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। - अविनाश सिंह, डीएम
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