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Bareilly News: लालफाटक-बदायूं रोड का चौड़ीकरण नौ माह बाद भी अधूरा, डिवाइडर गायब

Wed, 15 Jan 2025 01:52 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

लालफाटक-बदायूं रोड पर चौबारी तक 4.3 किलोमीटर मार्ग का चौड़ीकरण अब तक अधूरा है। इस सड़क का 150 मीटर हिस्सा अधूरा पड़ा है।
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इसी रोड का होना है चौड़ीकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में लालफाटक-बदायूं रोड पर चौबारी तक मार्ग का चौड़ीकरण नौ माह बाद भी अधूरा है। इस कारण दोपहिया वाहन अंतुलित हो रहे हैं और लोग आए दिन गिर रहे हैं। मौके पर लोगों ने बताया कि सड़क अधूरी होने की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई तैयार नहीं है। 

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लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता के पास सड़क सुरक्षा समिति के सचिव की जिम्मेदारी है। इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। मंगलवार को मौके की पड़ताल में यही स्थिति सामने आई। लालफाटक-बदायूं रोड पर चौबारी तक 4.3 किलोमीटर मार्ग का चौड़ीकरण डिवाइडर के साथ साल 2021 में मंजूर हुआ था। डिवाइडर के दोनों ओर 8.75 मीटर चौड़ी सड़क बनाई गई। 

टू लेन से फोरलेन सड़क के लिए मार्च 2024 में काम पूरा हो गया, लेकिन परशुराम धाम मंदिर के सामने एक तरफ करीब 150 मीटर हिस्सा अधूरा पड़ा है। न तो सड़क का निर्माण पूरा किया और न ही सुरक्षित सफर के लिए कोई उपाय अपनाए। सफेद पट्टी गायब है। डिवाइडर बना ही नहीं। संकेतक गायब है। अगर जरा सा चूके तो हादसा हो सकता है, लेकिन बचाव के इंतजाम गायब हैं। 
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यह है अड़चन 
परशुराम धाम मंदिर के सामने सड़क के किनारे मंदिर है, इसे पीछे शिफ्ट किया जाना है मंदिर शिफ्ट करने के लिए करीब एक साल पहले परिसर का निर्माण कराया था। निर्माण के बाद भी मंदिर की शिफ्टिंग फंसी है। लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने इसके लिए कुछ दिन प्रयास किया लेकिन जब मंदिर के कर्ताधर्ता राजी न हुए तो सड़क का काम अधूरा छूट गया।  

सड़क अधूरी क्यों है। अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड से दिखवाएंगे। निरीक्षण रिपोर्ट लेकर सड़क को पूरा कराएंगे। कोई हादसा न होने पाए। इसके लिए जरूरी उपाय भी कराए जाएंगे। -अजय कुमार, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग   


लोग बोले-एक साल से यही साल
जहां सड़क अधूरी है उसके ठीक सामने ही मेरा मकान है। सात दिन में दो दिन तो ऐसे होते ही हैं जब कोई न कोई वाहन वाला फिसल कर गिरता है। उन्हें उठाने का काम हम लोग करते हैं। सड़क अधूरी क्यों है। यह सवाल आम जनता का है। -बुद्धपाल सिंह, सेवानिवृत कर्मी, राज्यकर

परशुराम मंदिर के ठीक सामने एक तरफ सड़क ऊंची और दूसरी तरफ नीची है। कोई संकेतक नहीं है जिससे वाहन वालों को दूर से इसका कोई अंदाज नहीं लग पाता। असंतुलन होने पर लोग गिर जाते हैं। यही हाल करीब एक साल से है। -गंगा प्रसाद मौर्य, दुकानदार बदायूं रोड

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