अवैध कब्जों के खिलाफ नगर निगम की धुआंधार कार्रवाई पर सवाल भी उठने लगे हैं। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार के मुख्यमंत्री और मेयर को अभियान रोकने के लिए चिट्ठी लिखने के बाद अब नगर निगम में सपा पार्षद दल के नेता राजेश अग्रवाल नगर आयुक्त को चिट्ठी लिखकर अभियान की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि ईंट पजाया में जब छोटे और गरीब अतिक्रमणकारियों पर पंजा चलाने में कोई रहम नहीं किया गया तो प्रेमनगर में बड़े अतिक्रमणकारियों को क्यों छोड़ दिया गया। पार्षद राजेश अग्रवाल ने अपने पत्र की प्रति मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री, प्रमुख सचिव, महापौर और कमिश्नर को भी भेजी है।
निगम के अभियान पर के बारे में लिखी गई चिट्ठी में राजेश अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि ईंट पजाया के गरीबों को उजाड़ दिया गया, लेकिन श्यामगंज पुल से नीचे उतरने और प्रेमनगर वाली रोड के मोड़ पर अतिक्रमण हटाओ अभियान नहीं चलाया गया। उन्होंने आरोप लगाया है कि मार्केट और बड़े लोगों के कब्जे छोड़ दिए हैं जबकि कोर्ट के स्टे एवं नगर पालिका द्वारा बेची जमीन के कब्जे तोड़ दिए। इसके साथ ही उन्होंने अभियान को लेकर पांच बिंदुओं पर अपनी राय भी दी है। इसमें कहा है कि छोड़े गए सभी अतिक्रमण के भूस्वामियों से बैनामे की कॉपी ले ली जाए। इसके बाद उनसे पूर्व की रजिस्ट्री निकलवाकर जांच हो। अगर वह रजिस्ट्री 1921 के बाद की निकले तो अतिक्रमण माना जाए। ऐसे अतिक्रमण हटाए बिना अगर विकास हुआ तो करोड़ों रुपये बर्बाद होंगे और उसका जिम्मेदार नगर निगम होगा। साथ ही उन्होंने कहा है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो माना जाएगा निगम का मकसद गरीबों को उजाड़ना और सक्षम को लोगों को पर्याप्त अवसर देकर स्टे लाने का मौका देना है।
अतिक्रमण हटाओ अभियान में भेदभाव किया जा रहा है। गरीबों को तो उजाड़ा जा रहा है जबकि रसूखदारों के कब्जे साठगांठ कर छोड़ दिए गए हैं। भेदभाव नहीं होना चाहिए। - राजेश अग्रवाल, नेता पार्षद दल, सपा
पार्षद राजेश अग्रवाल चिंता न करें, कोई अतिक्रमण नहीं बचेगा। उस जमीन के दस्तावेज भी निकलवाए गए हैं। उमेश गौतम, मेयर
मैं तुम्हें भेजूं चिट्ठी, तुम मुझे भेजो चिट्ठी
अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर इन दिनों चिट्ठी-चिट्ठी खेला जा रहा है। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने मेयर उमेश गौतम को चिट्ठी लिखी जिसके बाद निगम का बुलडोजर भारत सेवा ट्रस्ट वाली रोड तक पहुंच गया। मेयर ने केंद्रीय मंत्री के पत्र के जवाब में उन्हें पत्र भेजने की बात कही तो अब केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि उन्हें मेयर का पत्र नहीं मिला है। मेयर कह रहे हैं कि अगर मंत्री जी को उनका पत्र नहीं मिला है तो वह दोबारा पत्र भेज देंगे।
केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने 22 मार्च को अतिक्रमण हटाओ अभियान रुकवाने के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को पत्र लिखा था। उन्होंने इस पत्र की कॉपी मेयर उमेश गौतम को भी भेजी थी, जिसमें अभियान के लिए साथ बैठकर प्लानिंग की बात कही थी। पहले तो मेयर उमेश गौतम ने केंद्रीय मंत्री का पत्र न मिलने की बात कही तो केंद्रीय मंत्री ने उन्हें पत्र की दूसरी कॉपी भेज दी। इसके बाद मेयर ने मंत्री को पत्र का जवाब भेजा, जिसमें कहा कि वह कभी उनके साथ बैठक के लिए आ जाएंगे। उन्हें तारीख और समय बता दिया जाए। मगर मेयर का यह पत्र अब तक केंद्रीय मंत्री को नहीं मिला है। दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री के पत्र का परिणाम यह हुआ कि पिछले दिनों निगम का बुलडोजर भारत सेवा ट्रस्ट रोड तक पहुंच गया। हालांकि निगम टीम कोई कार्रवाई किए बगैर लौट आई। इसके पीछे नगर निगम का तर्क था कि वह पीडब्ल्यूडी की सड़क है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी साथ नहीं थे इसलिए अभियान नहीं चला।
मैं अभी दिल्ली में हूं। शनिवार सुबह तक बरेली पहुंच जाऊंगा, तभी कार्यालय में मेयर का पत्र दिखवाया जाएगा। - संतोष गंगवार, केंद्रीय मंत्री
मंत्री जी के पत्र का जवाब तो करीब एक सप्ताह पहले ही भेज दिया था। अगर नहीं मिला है तो दिखवाया जाएगा और दोबारा पत्र भेज देंगे।- उमेश गौतम, मेयर