दरवाजे पर फेंकने वाले अब सीधे चालान भरेंगे। शुक्रवार से इसकी शुरूआत हो गई है। एक हजार लोगाें के चालान काटे गए हैं। नगर निगम और एजेंसी की टीम अब रोजाना अपने जोन के इलाकों में ऐसे लोगाें को चिह्नित करेंगे।
मेयर डॉ. आईएस तोमर और नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव के निर्देश पर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली एजेंसी और सफाई नायकों पर सख्ती बरती गई है। इन्हें कहा गया है कि जिन इलाकों के घराें से कू ड़ा नहीं दिया जा रहा है, यूजर चार्ज नहीं दिया जा रहा है या फिर कूड़ा घर के बाहर फेंका जा रहा है ऐसे लोगों को चिह्नित करें और इनके खिलाफ चालान काटे। सबसे पहले जोन तीन के कांट्रैक्टर आतिफ खान ने सफाई नायकों और एजेंसी के सुपरवाइजरों के साथ मिलकर भूड़, रबड़ी टोला, हजियापुर, संजयनगर, मॉडल टाउन, कानून गोयान, कांकर टोला और कटकुईयां वार्ड में अभियान चलाया गया। यहां एक हजार घराें में चालान कटा है। इन सभी से दौ सौ रुपये की वसूली होगी।
पांच जोन में भी निगम को हुआ घाटा
बरेली। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन में हर जोन में निगम को बुरी तरह चपत लग रही है। शुक्रवार सुबह जोन 5 की बैठक में भी हकीकत सामने आई। यहां अभी तक निगम ने 58 लाख रुपये खर्च कर दिये हैं, जबकि यूजर चार्ज केवल 17 लाख रुपये ही आया है। मेयर डॉ. आईएस तोमर की अध्यक्षता में हुई बैठक में जोन 5 के कांट्रैक्टर गीता जनकल्याण शिक्षा समिति के रकम सिंह भाटी से पूरा ब्यौरा मांगा गया। इनके पास 10 वार्ड हैं। यहां 95 रिक्शे चलते हैं और 110 कर्मचारी लगे हुए हैं। 20 सुपरवाइजर वसूली को लगाए हुए हैं। अभी तक घर- घर से कू ड़ा उठाने पर इन्हाेंने निगम से करीब 58 लाख रुपये का भुगतान लिया है। जबकि कूड़ा देने पर नागरिकों से यूजर चार्ज एजेंसी नहीं वसूली सकी। सिर्फ 17 लाख रुपये कमा कर दिया है। इस मौके पर नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक विमल मिश्र व अन्य मौजूद रहे।