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Bareilly News: हनी के हनी ट्रैप गैंग ने किस-किसको बनाया शिकार, खुलेगी हकीकत

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रिटायर्ड दरोगा के बेटे के गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश तेज
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बरेली। हनी खान उर्फ नेहा के सहारे रिटायर्ड दरोगा के बेटे के हनी ट्रैप गिरोह ने कितने लोगों को उगाही का शिकार बनाया, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। पता लगा है कि कई लोग समाज में बदनामी के डर से पुलिस के पास शिकायत करने नहीं पहुंचे। जेल भेजे गए आरोपियों से अहम सुराग मिले हैं जिनके जरिये पुलिस विवेचना में तेजी ला रही है।
बदायूं निवासी छात्रा हनी खान के सहारे लोगों को फंसाकर रंगदारी वसूलने के पांच आरोपी सोमवार को जेल भेज दिए गए। इनके तीन साथियों की तलाश की जा रही है। आमतौर पर लोग बदनामी के डर से शिकायत नहीं करते हैं। महलऊ निवासी अमित राठौर भी शादीशुदा शख्स है। इन लोगों को पता था कि अमित बदनामी के डर से शिकायत नहीं करेगा और उस पर रुपये का इंतजाम है, इसीलिए उसे शिकार बनाया गया। बताया जा रहा है कि अगर एसएसपी तक मामला न पहुंचता और पुलिस सबूत नहीं जुटाती तो पहले की तरह इस बार भी गैंग बचने में कामयाब हो जाता। बताया जा रहा है कि गिरोह ने अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है। जल्द ही अन्य पीड़ित सामने आ सकते हैं। ब्यूरो
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बेरोजगारी और नशे की लत ने बनाया अपराधी
हनी ट्रैप गिरोह में पकड़े गए अधिकतर सदस्य शिक्षित होने के बाद भी बेरोजगार और नशे के आदी है। नशे की जरूरत को पूरा करने के लिए वह कभी-कभी छोटा मोटा काम करते हैं। जब अधिक धन की जरूरत पड़ी तो सभी ने मिलकर हनी ट्रैप गिरोह बना लिया। जिस अमित राठौर को गिरोह ने अपने चंगुल में फंसाया है वह शराब ठेके के आसपास कैंटीन चलाता है। गिरोह के सदस्य ठेके पर पार्टी करने जाते हैं। इस दौरान अमित गिरोह की निगाह में आ गया। अमित के दोस्त आकाश ने उसके मोबाइल नंबर से लेकर जरूरी बातें गिरोह के सदस्यों को बताईं।
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हनी ट्रैप गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश को पुलिस की टीम लगी है। कोई नया पीड़ित या मामला सामने आया तो साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - मानुष पारीक, एसपी सिटी
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