बरेली। दातागंज-फरीदपुर के बीच रामगंगा नदी पर बने अधूरे पुल पर 24 नवंबर को हुए हादसे के बाद काफी हो-हल्ला मचा। प्राथमिक जांच में पीडब्ल्यूडी बदायूं के पांच अभियंताओं को अधूरे पुल पर सुरक्षात्मक उपाय न कराने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। अब यह संख्या सिमटकर तीन रह गई है। आज तक इनको चार्जशीट तक नहीं दी जा सकी। हद तो तब हो गई, जब आरोपी अधिशासी अभियंता को ही चार्जशीट तैयार करने की जिम्मेदारी दे दी गई। इससे साफ है कि जांच के नाम पर लीपापोती कर आरोपी अभियंताओं को बचाने की कोशिश की जा रही है।
रामगंगा नदी पर बने अधूरे पुल से कार गिरने पर 24 नवंबर को तीन लोगों की मौत हो गई थी। पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता ने जांच कर प्रमुख अभियंता को रिपोर्ट भेजी थी। इसमें बदायूं के अधिशासी अभियंता नरेश कुमार, सहायक अभियंता अभिषेक कुमार, मोहम्मद आरिफ, अजय गंगवार और अवर अभियंता महाराज सिंह को जिम्मेदार माना गया था। रिपोर्ट का परीक्षण कर शासन ने सहायक अभियंता मोहम्मद आरिफ और अजय गंगवार को क्लीन चिट दे दी। सहायक अभियंता अभिषेक कुमार और अवर अभियंता महाराज सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए। अधिशासी अभियंता से सिर्फ स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इस आदेश के बाद अधीक्षण अभियंता केके सिंह ने आरोपों से घिरे अधिशासी अभियंता नरेश कुमार को ही चार्जशीट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य अभियंता का कहना है कि बदायूं में दातागंज रोड पर सुरक्षात्मक दीवार टूटी थी। इसके लिए जिन दो अभियंताओं पर जिम्मेदारी थी, उन्हें ही कार्रवाई घेरे में लिया गया है। अमर उजाला ब्यूरो