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ब्रुश में वन्य जीव के बालों का इस्तेमाल हुआ है या नहीं.. देहरादून की लैब बताएगी सच

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वाइल्ड लाइफ और वन विभाग की टीम ने सीबीगंज में दुकान से बरामद किए थे 42 ब्रुश
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डब्ल्यूआईआई की लैब की पुष्टि के बाद ही व्यापारी पर दर्ज होगा वन जीव अधिनियम का मुकदमा

बरेली। मंगलवार को वन विभाग और वाइल्ड लाइफ इंडिया एंटी पोचिंग डिवीजन की संयुक्त छापामार कार्रवाई में सीबीगंज के एक व्यापारी की दुकान से 42 ब्रुश बरामद हुए थे। शक है कि इन ब्रुश के इस्तेमाल में प्रतिबंधित वन्यजीव के बाल का प्रयोग किया गया है। जबकि पकड़े गए व्यापारी का कहना है कि ब्रुश में सिंथेटिक बाल लगे हैँ। वन विभाग के अफसरों ने जांच के लिए ब्रुश को देहरादून स्थित डब्ल्यूआईआई (वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया) की लैब को भेज दिया गया है। वहां से सात से दस दिन में रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। फिलहाल व्यापारी को मंगलवार की रात को ही डीएफओ ने निजी मुचलके पर छोड़ दिया था।
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वाइल्ड लाइफ इंडिया एंटी पोचिंग डिवीजन के दीपक कुमार और वन विभाग की टीम ने मंगलवार को सीबीगंज में शिवमंदिर के पास दीपक स्टेशनरी नाम की दुकान पर छापा मारा था और वहां से पेंटिंग में इस्तेमाल होने वाले 42 ब्रुश बरामद किए। डिवीजन के दीपक कुमार का दावा है कि ब्रुश में नेवले के बाल इस्तेमाल किए गए हैं। इस मामले में आरोपी दुुकानदार सीबीगंज के शिवपुरी निवासी धीरेंद्र गंगवार के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी थी लेकिन बाद में डीएफओ ने व्यापारी के दावे की ओर ध्यान दिलाया। व्यापारी का दावा है कि ब्रुश में इस्तेमाल किए गए बाल सिंथेटिक हैं। इसके दावे के मद्देनजर व्यापारी को निजी मुचलके पर मंगलवार की रात को ही छोड़ दिया गया। बुधवार को डीएफओ भरतलाल ने बरामद ब्रुश को जांच के लिए देहरादून की डब्ल्यूआईआई लैब भेज दिया। वहां से सात से दस दिनों में रिपोर्ट आने की संभावना है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इसके बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

अफसरों के भिड़ने पर मुख्य वन सरंक्षक ने डीएफओ से मांगी रिपोर्ट

व्यापारी को मुचलके पर छोड़ने को लेकर वन विभाग के अफसर और वाइल्ड लाइफ इंडिया एंटी पोचिंग डिवीजन के दीपक कुमार डीएफओ दफ्तर मंगलवार की रात में भिड़ गए। अंदर काफी देर तक बवाल भी चला। वन जीव संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराने की तैैयारी के बीच अचानक दुकानदार को निजी मुचलके पर छोड़ने से दीपक कुमार नाराज हुए। वह इसकी शिकायत मुख्य वन्य जीव वार्डन को व्हाट्सएप से करने की बात कहते हुए फौरन अपनी गाड़ी से वापस दिल्ली चले गए। दीपक कुमार का यह गंभीर आरोप था कि बरामद हुए ब्रुश को सील करने से पहले उनके साइन तक नहीं कराए गए और न ही उन्हें निजी मुचलके के बारे में बताया गया। जबकि इसमें भी वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज होना चाहिए था। मुख्य वन संरक्षक ललित कुमार वर्मा ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट डीएफओ से मांगी है।

बाजार में अन्य कई व्यापारियों की गुपचुप तैयार हो रही रिपोर्ट, जल्द चलेगा अभियान

श्ययामगंज में रामा पंसारी ही न ही कई और भी व्यापारी हैं जो गुपचुप तरीके से प्रतिबंधित वन्यजीव के अंगों की बिक्री करते हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे दुकानदारों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जो इस अवैध कारोबार में लिप्त है। चूंकि अभी कार्रवाई हुई है, इसलिए इसमें शामिल अन्य दुकानदार सतर्क हो गए है। वन्य जीव अंगों की बिक्री करने वाले दूसरे दुकानदारों की भी धरपकड़ होगी।

केंद्रीय मंत्री ने दिखाई नाराजगी

वाइल्ड लाइफ इंडिया एंटी पोचिंग डिवीजन के दीपक कुमार ने वन विभाग की टीम के साथ सीबीगंज की एक दुकान मनमाने ढंग से छापा लगाया। वहां बेचने के लिए रखे गए पेंटिंग के ब्रुश उठाकर तुरंत ही कह दिया कि नेवले के बाल से बने हैं। इसकी जानकारी मिलने पर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने लोकसभा सत्र के दौैरान डीएफओ से लाइन पर लेकर मामला समझा और पूछा कि बगैर जांच के उन्होंने कैसे कह दिया कि नेवले के बालों से ब्रुश बनाए गए हैं। इस पर डीएफओ भरत लाल जवाब नहीं दे पाए और उन्हें गलती का कुछ एहसास हुआ। यही कारण रहा कि व्यापारी को मुचलके पर छोड़ना पड़ा और यह भी तय करना पड़ा कि बरामद ब्रुश का लैब में परीक्षण कराया जाएगा। चर्चा है कि हाथी को पकड़ने आई टीम दुकानदार के रिश्तेदार के गेस्ट हाउस में रुकी थी और भुगतान को लेकर विवाद हुआ था। इसी वजह से वन विभाग उनके खिलाफ मौके की तलाश में था। केंद्रीय मंत्री गंगवार ने इस बीच यह भी कह दिया है कि वह इस मनमानी के बारे में संबंधित मंत्री और संबंधित अफसरों को बताएंगे।

सीबीगंज में दुकानदार के यहां से बरामद ब्रुश को जांच के लिए देहरादून की लैब में भेज दिया गया है। इसके अलावा मंगलवार की रात डीएफओ दफ्तर में हुए घटनाक्रम की रिपोर्ट भी मांगी गई है। -ललित कुमार वर्मा, मुख्य वन्य संरक्षक

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