बरेली। दहेज में तीन लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने विवाहिता को मारपीट कर घर से निकाल दिया। उसकी बच्ची को भी छीन लिया। विवाहिता का आरोप है कि पति ने शहर के एक अस्पताल में ले जाकर उसकी किडनी भी निकलवा दी। महिला थाना पुलिस ने पति व ससुराल वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
पीलीभीत के जहानाबाद निवासी पूजा ने बताया कि उसकी शादी 19 जून 2017 को शीशगढ़ के गांव बल्ली निवासी हरीश के साथ हुई थी। ससुराल में कम दहेज लाने का ताना देकर उसके साथ मारपीट की जाती। कुछ समय बाद उसके पुत्री हुई। दहेज में तीन लाख रुपये की मांग जारी रही।
वर्ष 2018 में पूजा के पेट में दर्द हुआ जिस पर पति ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उसे बताया गया कि गुर्दे में पथरी है। जिसका ऑपरेशन कराया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के आठ दिन बाद ड्रेसिंग कराने के बहाने अस्पताल ले जाकर उसकी किडनी निकलवा दी।
27 जनवरी 2024 को ससुराल वालों ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। शीशगढ़ थाने में शिकायत करने पर पुलिस ने समझा-बुझाकर उसे ससुराल भेज दिया। 16 अप्रैल को फिर उसे घर से निकाल दिया गया। 21 अप्रैल को हरीश ने बहन की शादी के बहाने से विवाहिता को बुलाया और बच्ची को छीन लिया।
कहा कि अगर दहेज नहीं दिया तो बच्ची को बेचकर तीन लाख रुपये ले लेंगे। विवाहिता ने एसएसपी से मिलकर बच्ची को दिलाने की मांग की है। एसएसपी के आदेश पर पति हरीश बाबू, ससुर नत्थूलाल, सास फूला देवी, देवर प्रेमपाल व अवधेश के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज की गई है।