पुलिस ने कराई वीडियोग्राफी, फोटो वीडियो देखकर खोले जाएंगे बाकी हमलावरों के नाम
बरेली। लॉकडाउन उल्लंघन के मामलों में पुलिस पर हमलावर होने से भी लोग नहीं चूक रहे। इज्जत नगर की घटना इसी का नतीजा रही। साथी युवक को पीटने पर झुंड बनाकर बैठे लड़के सिपाहियों पर सीधे हो गए तो वह बचकर निकल आए। इन्हीं को सबक सिखाने चौकी आई भीड़ काफी आक्रामक थी। पुलिस के एक्शन से मामला उल्टा हो गया। इनमें से अधिकांश हिरासत में ले लिए गए तो देर शाम इन पर रिपोर्ट भी हो गई।
पुलिस के मुताबिक चीता पुलिस के सिपाही राजीव, अंकित, संजय और मनोज दोपहर के वक्त दो बाइक से करमपुर गांव पहुंचे। वहां मदरसे के चबूतरे पर कुछ लड़के समूह बनाकर चकल्लस में लगे थे। पुलिस को देखकर भागने लगे तो इनमें से 22 वर्षीय कश्मीर खां को पकड़कर पुलिस ने डंडे लगा दिए। इसके बाद वह गिर पड़ा और बेहोशी का नाटक करने लगा। तब उसके साथियों ने टीम को घेर लिया। इससे सिपाहियों के हाथ पैर फूल गए और वह बाइक लेकर भाग आए। पुलिस की पिटाई से युवक के बेहोश होने की सूचना पर इंस्पेक्टर जब तक आए, प्रधान के पति तसव्वर खां मौके पर आ चुके थे। इंस्पेक्टर के साथ वह कश्मीर खां को जिला अस्पताल लाए। इस बीच भीड़ ने बैरियर वन चौकी पर कूच कर दिया और बात बिगड़ती चली गई। कुछेक लोगों के हाथ में डंडे थे तो कुछ ने पत्थर उठा रखे थे। जो पुलिस कुछ देर पहले तक लोगों को घर लौटने के लिए उनकी मनुहार कर रही थी, वही एएसपी के आने पर कहर बनकर टूटी और लोगों को जमकर पीटा।
गांव में पुलिस ने की तोड़फोड़, एसपी सिटी गरजे- सामने आए माई का लाल
बरेली। चौकी पर बवाल करने वालों की गिरफ्तारी के लिए एसपी सिटी रविंद्र कुमार, एएसपी अभिषेक वर्मा के साथ कई अधिकारी और आसपास के थानों की पुलिस ने करमपुर में धावा बोल दिया। फोर्स को देखकर आरोपी फरार हो गए। गांव के अधिकांश पुरुष भी अंडरग्राउंड हो गए। एसपी सिटी ने माइक से ऐलान किया कि पुलिस पर हमला करने वाले जो भी माई के लाल हैं, सामने आ जाएं। इसके बाद प्रधान समेत कुछ चिह्नित घरों में पुलिस ने आरोपियों की तलाश की। प्रधान, उनकी दो देवरानी व देवर को हिरासत में ले लिया। कुछ ग्रामीणों का आरोप था कि उनका झगड़े से मतलब न होने के बाद भी पुलिस ने घर के दरवाजों से लेकर फर्नीचर, टीवी जैसा सारा सामान तोड़ दिया।