बरेली। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दे रखा था कि अंतिम संस्कार के बाद वह बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेंगे, पर पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो लोगों का गुस्सा कई गुना बढ़ गया। उन्होंने कार्रवाई के बाद अंतिम संस्कार करने की बात कही। एसपी दक्षिणी ने उन्हें समझाकर किसी तरह आगे बढ़ाया। गांव की गलियों से लोग शव लेकर निकले पर श्मशान से पहले ही शव रख दिया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए। इससे अधिकारी असमंजस में पड़ गए। थोड़ी देर मंथन के बाद ध्वस्तीकरण का आदेश दे दिया।
मां बोलीं- कमाऊ बेटा गंवाया है, घर टूटने से मिलेगी कलेजे को ठंडक
दोपहर पौने तीन बजे तेजपाल का शव गांव लाया गया तो उनकी मां रामप्यारी, पत्नी अनीता देवी बेहोश हो गईं। हर किसी की आंखें नम थीं। मां को जब होश आया तो वह भागकर सीओ मीरगंज के पैरों में गिर गईं। कहा कि उनका कमाने वाले बेटा इस दुनिया में नहीं रहा। आरोपियों के घरों पर भी बुलडोजर चलाया जाए। इसके बाद बेटे की अर्थी उठेगी और उनके कलेजे को ठंडक मिलेगी।
वर्जन
गौसगंज में पिछले दिनों हुए बवाल में घायल युवक की मौत हो गई थी। उसके शव का शांतिपूर्ण तरीके से अंतिम संस्कार करा दिया गया। इस घटना में अब तक 35 लोग जेल भेजे जा चुके हैं। नए आरोपियों को वीडियो से चिह्नित कर गिरफ्तार किया जा रहा है। कुछ आरोपियों के घर सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाए गए थे। प्रशासन की टीम ने घरों के उतने हिस्से को बुलडोजर से तुड़वा दिया है। - मानुष पारीक, एसपी दक्षिणी