शाहजहांपुर/बरेली। बरेली के एक थाने के इंस्पेक्टर की पत्नी समेत तीन पर बेटी को जबरन कार में बैठाकर ले जाने के आरोप में शाहजहांपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज हुई है। इसको लेकर बरेली के बारादरी थाने में दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई। इसमें तय हुआ कि बेटी अभी मां के पास ही रहेगी, बाद में वह शाहजहांपुर भी जाएगी।
रोशनगंज निवासी शिक्षक का अपनी पत्नी से कई वर्ष पहले तलाक हो चुका है। उनकी पत्नी अब बरेली शहर के एक थाने में तैनात इंस्पेक्टर की पत्नी हैं। महिला की बेटी शुरू से ही अपने शिक्षक पिता के साथ रह रही है। शिक्षक पिता ने भी दूसरी शादी कर ली है। सौतेली मां और बेटी में अनबन रहती है। बताते हैं कि मां से विवाद के बाद बेटी ने अपनी असली मां को कॉल कर दी। शनिवार दोपहर बाद वह कार से शाहजहांपुर पहुंचीं और दोनों पक्षों में जमकर तकरार हुई। इसके बाद वह बेटी को लेकर बरेली चली आईं। उनके साथ उनके दो भाई थे जो तिलहर के निवासी हैं।
शिक्षक के पिता ने चौक कोतवाली में इंस्पेक्टर की पत्नी व उनके दोनों भाइयों पर रिपोर्ट करा दी। शुरू में पुलिस आनाकानी कर रही थी तो नेताओं को कॉल की गई। आरोप है कि ये लोग उनके घर में असलहे लेकर घुस आए और गालीगलौज करने लगे। एक आरोपी ने तमंचा तान दिया। उनकी पौत्री को लेकर चले गए।
बारादरी थाने में हुआ फैसला
बारादरी थाना प्रभारी अमित पांडेय शाहजहांपुर में लंबे समय तक रह चुके हैं। दोनों पक्ष उन्हें अच्छी तरह जानते हैं। इसलिए रविवार को दोनों पक्षाें को बारादरी थाने बुलाया गया। वहां दोनों पक्षों में कुछ बिंदुओं पर समझौता हो गया। करीब 18 साल की हो चुकी बेटी से पूछा गया तो उसने साफ कहा कि वह पिता के पास रहने को तैयार है, बर्शते अभी कुछ समय मां के पास बरेली रहने दिया जाए। भविष्य में भी उसे मां से मिलने की आजादी मिले। इस पर दोनों पक्ष राजी हो गए। चौक कोतवाली से मुकदमे के विवेचक भी साथ आए थे। उन्होंने जरूरी लिखापढ़ी कराई। फिलहाल बेटी मां के साथ चली गई है।