क्योलड़िया। लोक निर्माण विभाग ने टूटी पड़ी सड़क नहीं बनवाई तो ग्रामीणों ने स्वयं मोर्चा संभाल लिया। रास्ता ठीक करने के लिए मिट्टी, ईंट और पत्थर आदि डालकर मार्ग तैयार करने लगे।
क्योलड़िया में स्थित मुख्य तिराहे से जवेदा जाने वाली नहर पुल के पास लोक निर्माण विभाग की सड़क टूटी पड़ी है। इसको बनवाने के लिए कोई भी अधिकारी व जन प्रतिनिधि मैदान में नहीं आया। इस कारण लोगों को कीचड़ में होकर आवागमन करना पड़ता था। यह मार्ग तीन वर्ष से खस्ताहाल है। कई बार शिकायत करने के बाद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने नहीं सुना तो लोग स्वयं मार्ग को ठीक करने के लिए आगे आ गए। जावेद अनवर आदि ने मिट्टी व ईंट डालकर सड़क को ठीक कराने का कार्य शुरू कर दिया है। संवाद
प्रशासन ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने शुरू किया सड़क निर्माण
शीशगढ़। ग्राम लखीमपुर को जाने वाली 200 मीटर की सड़क दशकों से खराब पड़ी है, जिस पर बारिश में चलना दूभर हो जाता है। ग्रामीण दर्जनों बार स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारियों से सड़क बनवाने के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन किसी ने कोई ध्यान नहीं दिया।
अभी हाल में हुई बारिश से सड़क पर फिर जलभराव हो गया। इसके बाद बुधवार को ग्रामीणों ने कार सेवा से ही सड़क पर मिट्टी डालकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि यह उनके गांव को आने-जाने वाला सबसे अहम रास्ता है, जो दशकों से खराब पड़ा है। यहां से स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों व किसानों को आवागमन में परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि वह कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए ग्रामीणों ने कारसेवा से सड़क निर्माण शुरू करा दिया है। कारसेवा में हेमंत गंगवार, कुलदीप सिंह चौधरी, करनसिंह गंगवार, राजीव सिंह चौधरी, प्रमोद गंगवार, अमित सक्सेना, विनोद गंगवार आदि मौजूद रहे। संवाद