हाफिजगंज/ नवाबगंज। नई परंपरा डालने के विरोध में एक ग्रामीण को गांव के ही दूसरे समुदाय के लोगों ने घेर कर धमकी दी। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान, आठ लोग नामजद समेत दस अज्ञातों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इधर, नवाबगंज तहसील परिसर में ग्रामीणों ने गांव में नई परंपरा डालने का आरोप लगाते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर हंगामा भी किया।
थाना हाफिजगंज के गांव दुआवट निवासी लेखराज ने आरोप लगाया कि दूसरे समुदाय के लोग गांव में मजार पर उर्स करते थे, जिसे अब चोरी-छिपे मस्जिद का रूप दे दिया है। इस तरह कुछ लोग गांव में नई परंपरा डालकर नई जगह पर बाहर के मौलानाओं को बुलाकर गांव में अशांति फैलाने के उद्देश्य से उर्स करवाया गया। उन्हें जब इसकी जानकारी हुई तो 11 नवंबर को इसका विरोध किया। तभी कुछ लोग उनके घर में घुस आए और परिजनों को गाली-गलौज करते हुए धमकी दी।
तहरीर मिलने पर पुलिस ने गांव के प्रधान मो. उमर, मो. युसुफ, निजामुद्दीन, तौफीक, नियामुद्दीन, जाहिद हुसैन, नईम शेर, मो. अरमान उर्फ रब्बे अली व आदि के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इधर, इंस्पेक्टर पवन कुमार सिंह ने बताया कि जांच के बाद जो दोषी होगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। संवाद
ग्राम प्रधान ने आरोप को बताया निराधारग्राम प्रधान मो. उमर ने कहा कि मुकदमा झूठा लिखवाया गया है। लगाए गए आरोप निराधार हैं। जगह कम पड़ गई िाी। इसलिए दूसरी जगह उर्स करवाए जा रहे थे। अब विरोध के बाद उर्स पुराने स्थल पर ही करवाया गया है।
ग्रामीणों में गुस्सा, पुलिस पर आरोप
नवाबगंज में नाराज ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ तहसील परिसर में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है। एसडीएम ने ग्रामीणों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के रिकार्ड में यह आयोजन कहीं दर्ज नहीं किया गया है। इसलिए इस आयोजन के कराने में पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है, जिससे नाराज लोगों ने तहसील परिसर में हंगामा किया। हालांकि एसडीएम अजय कुमार उपाध्याय ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस मौके पर हरिपाल सिंह, लेखराज, ओमप्रकाश, सुरजीत, मुन्ना लाल, भूपराम, सुभाष चन्द्र, रूपलाल, महीपाल, चेतराम आदि लोग मौजूद रहे। संवाद