एनकाउंटर के डर से वीडियो बनाते पहुंचा
गुरुवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान राजीव राना मीडिया की मौजूदगी में वीडियो बनाते हुए मौके पर पहुंचा। इससे लगा कि उसे एनकाउंटर का डर था, जिसका खतरा इस कवायद से खत्म हो गया। वहीं, होटल की तोड़फोड़ का नंबर आने पर उसने कागजात दिखाकर यह जताने की कोशिश की कि सब कुछ वैध है। उसने सोचा कि उसके हिरासत में आने से तोड़फोड़ रुक जाएगी पर ऐसा नहीं हो सका। शाम ढले तक बुलडोजर गरजा और इमारतों को तहस-नहस करके ही हटा।
राना और परिवार के लोगों की बातें विरोधाभासी
राना व उसके परिवार के लोगों की बातें मेल नही खा रही हैं। गोलीकांड के अगले दिन राना ने वीडियो जारी कर खुद को बेकसूर बताया था। राजीव ने बताया था कि वह इंस्पेक्टर के पास गया तो उन्होंने कहा था कि आपके पास कागज हैं तो आप काम करिये। कोई परेशानी आती है तो हमें बताइएगा। राजीव ने कहा कि हम प्लॉट पर शांतिपूर्ण तरीके से काम कर रहे थे, तभी विपक्षी लोगों ने आकर फायरिंग कर दी। हम लोगों ने भागकर जान बचाई।
राजीव ने बताया था कि तमंचे से रोहित नाम का राहगीर फायर कर रहा था, जिसे हमसे जोड़ा जा रहा है। वहीं, राजीव के परिवार ने बृहस्पतिवार को मीडिया के सामने बताया कि राजीव मौके पर नहीं थे। उनकी लोकेशन और आसपास की फुटेज से इसकी तस्दीक की जा सकती है। राजीव की पत्नी के मुताबिक उनका छोटा देवर संजय प्लॉट पर गया था। राजीव और उसकी पत्नी के बयान के बाद कई अहम सवाल भी खड़े हो रहे हैं।