आंवला।
मारपीट के मामले में कार्यकर्ता की थाना पुलिस द्वारा रिपोर्ट न लिखे जाने के मामले में जब कोतवाल ने मझगवां के ब्लॉक प्रमुख की कॉल रिसीव नहीं की तो वह अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंच गए और कोतवाल से कहासुनी हुई। बाद में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
थाना क्षेत्र के गांव गौटिया टांडा निवासी सत्यवीर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बृहस्पतिवार की रात जब वे अपने खेत से वापस घर लौट रहे थे तो आरोपियों ने उनका रास्ता रोक लिया और गालीगलौज करने लगे। विरोध करने पर बेरहमी से डंडों से पिटाई लगा दी। शोर-शराबे की आवाजें सुनकर मौके पर जमा हुए ग्रामीणों के ललकारने पर आरोपी धमकी देकर चले गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
इसकी जानकारी जब पीड़ित ने केबिनेट मंत्री के बेटे मझगवां ब्लाॅक प्रमुख यशवंत सिंह से की तो उन्होंने कोतवाल को फोन किया, लेकिन कोतवाल ने उनकी कॉल रिसीव नहीं की। इस पर वे अपने एक दर्जन समर्थकों पूर्व ब्लाक प्रमुख वेदप्रकाश यादव, सीपी लोधी, राजवपी, पप्पू वर्मा आदि के साथ थाने पहुंचे। पीडितों की रिपोर्ट दर्ज करने की बात को लेकर कोतवाल से काफी देरतक गहमा गहमी हुई। संवाद
सूचना मिलते ही पीड़ित को बुधवार रात की मेडिकल के लिए भेज दिया गया था। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट भी दर्ज कर ली गई है।
- सिद्धार्थ सिंह, प्रभारी निरीक्षक, आंवला