बरेली। बेटे की तबीयत खराब होने पर संविदा लाइनमैन ने छुट्टी मांगी तो जेई ने जान से मारने और नौकरी से निकालने की धमकी दे डाली। लाइनमैन ने कोतवाली में तहरीर देने के साथ उच्च अधिकारियों से भी शिकायत की है। इधर, जेई प्रदीप राठौर ने आरोपों को निराधार बताया है।
शहर के एजाजनगर गौटिया निवासी वसीम अख्तर कुतुबखाना उपकेंद्र पर संविदा लाइनमैन के पद पर तैनात हैं। उनकी ड्यूटी शाम चार से रात 12 बजे तक की है। 24 मई को उनके बेटे जहीन की तबीयत बिगड़ गई थी। पत्नी ने बेटे को जिला अस्पताल में भर्ती करने के बाद उनको कॉल करके बुलाया। उन्होंने जेई प्रदीप राठौर से ड्यूटी का समय पूरा होने के बाद घर जाने की अनुमति मांगी।
आरोप है कि इस पर जेई भड़क गए। उन्होंने ड्यूटी खत्म होने के बाद भी बेटे के पास नहीं जाने दिया। धमकी दी कि लाइन पर काम करते समय आपूर्ति चालू कराकर जान ले लेंगे। लाइनमैन का कहना है कि उसने जेई के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। अब उपकेंद्र के रजिस्टर से उनका नाम काट दिया गया है।
इधर, जेई का कहना है कि आरोप गलत हैं। उस दिन दो फीडर ब्रेक डाउन हुए थे। संबंधित कर्मचारी को हर महीने सात-आठ दिन की छुट्टी दी जाती रही है। कर्मचारी ने अपनी पत्नी के साथ उपकेंद्र पर आकर हंगामा किया था। वह 33 केवी लाइन पर चढ़ने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान स्टाफ के काफी लोग भी मौजूद थे।