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सार

सहालग 25 से कैटरर्स परेशान
 
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marrige - फोटो : DEMO PHOTO
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विस्तार
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बरेली। सार्वजनिक आयोजन में लागू नई गाइडलाइन को लेकर व्यवसायी बेहद परेशान हैं। क्योंकि उन्होंने उनके खर्चों के हिसाब से कार्यक्रम नहीं मिल रहे हैं। जबकि निर्धारित दो सौ लोगों के आयोजन में उनका परता नहीं आ रहा है। हर बार सीजन में औसतन 50 बड़े आयोजन होते थे लेकिन अभी तक सिर्फ वैवाहिक आयोजन तय हो पाएं हैं।
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25 नवंबर से वैवाहिक कार्यक्रम शुरू हो रहे हैं। इस बार सीमित सहालग हैं, लेकिन आयोजनों में दो सौ मेहमान बुलाने के नियम को लेकर काफी असमंजस में हैं। उनका कहना है कि किसी बुलाएं किसी नहीं। ज्यादातर लोगों ने सीमित रिश्तेदारों के बीच ही कार्यक्रम करने का फैसला किया है। उधर सीमित मेहमानों के बीच वैवाहिक कार्यक्रम होने से कैटरर्स, टेंट हाउस, बैंड-बाजा और अन्य संबंधित व्यवसायी परेशान दिख रहे हैं। बड़े-छोटे सभी कैटरर्स और हलवाई बड़े कार्यक्रम लेने के लिए दौड़भाग करते थे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है क्योंकि दो सौ लोगों के लिए खाना और अन्य खान-पान आइटम तैयार करने में परता ही नहीं आ रहा है। बड़े कैटरर्स के तामझाम ज्यादा होते हैं। कार्यक्रम अनुबंधन के बाद कुछ दिन पहले ही मैदान पर तैयारी शुरू कर देते थे। बरेली क्लब और अन्य क्लब मैदानों पर आलीशान सजावट होती थी। इस बार ऐसा कुछ नहीं देखने को मिलेगा।

कैटरर्स ने बढ़ाए दाम

ज्यादातर कैटरर्स और हलवाईयों ने दो सौ लोगों के कार्यक्रम न्यूनतम खर्च पर तय किए हैं। बताया जाता है कि बड़ेे कैटरर्स दो सौ लोगों के आयोजन का कम से कम 10 से 15 लाख रुपये ले रहे हैं। उनका कहना है कि तामझाम तो उतना करना पड़ता है। बेहतर सर्विस आदि भी देना जरूरी है।

क्लब मैदान हुए छोटे

क्लब मैदान बड़े साइज में हैं उनका किराया भी उसी हिसाब से है। बड़े मैदान में दो सौ लोगों के कार्यक्रम भी अटपटा ही लगेगा और लोग किराना भी देना पसंद नहीं कर रहे हैं। इसलिए क्लब और बड़े परिसर के मालिकों ने मैदान तीन-चार भागों में बांट दिए हैं। यानी पहले जिस परिसर में सिर्फ एक ही आयोजन होता था वहां पर अब तीन-चार वैवाहिक कार्यक्रम दिखेंगे। सबसे बड़ा मैदान बरेली क्लब में है। क्लब मैदान पर हर वर्ष करोड़ों रुपये लागत के पंडाल सजते थे। स्टाफ ने बताया कि अभी कोई बड़ा आयोजन तय नहीं हुआ है। स्थिति यह है कि सीजन में शायद ही कोई भव्य कार्यक्रम देखने को मिले।

बराती कम बुला रहे इसलिए होटल में काम चला रहे

बर-बधु वाले सीमित मेहमान बुलाने पर काफी असमंजस में है। वे उलझन में हैं कि किसे बुलाएं किसे नहीं। ज्यादातर लोगों ने तय किया है कि वे रिश्तेदार और करीबी लोगों के बीच की कार्यक्रम करेंगे। इसके साथ ही उनका मानना है कि बड़े लॉन, क्लब आदि स्थानों पर दो सौ लोगों की आयोजन में बेवजह ज्यादा खर्च क्यों किया जाए। इसलिए लोगों ने बडे़ स्थानों की जगह होटलों की ओर रुख कर दिया है।

जितने बराती.. उतने बैंड बाजा बैंड-बाजा

लोगों का कहना है कि वैवाहिक कार्यक्रम में जब सिर्फ दो सौ मेहमान आने हैं तब बैंड-बाजा पर ज्यादा खर्च नहीं करना है। उन्होंने बैंड-बाजा पर खर्च होने वाले बजट में भी कटौती की है। इसके तहत उन्होंने बैंड-बाजा में शामिल लोगों की तादाद में कटौती कर दी है। यानी जितने बराती उसे हिसाब से बैंड-बाजा वाले।
पहली बार ऐसी परिस्थिति सामने आई है कि कम लोगों के बीच कैटरिंग आदि कराना है। लेकिन खर्चे भी वहीं होंगे इसलिए हमने दो सौ लोगों के होने कार्यक्रमों का पैकेज बढ़ा दिया है। क्योंकि गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखना है।

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- गिरीश चोपड़ा बॉबी, कैटरर्स
दो सौ लोगों के बीच कार्यक्रम करने के नियम लागू होने से बड़े मैदान अटपटा लगेगा और उसका किराया भी पार्टी नहीं दे रही। इसलिए हमने क्लब चार भागों में बांट दिया है। जिसमें सुविधाजनक तरीके से कार्यक्रम होगा।
- अनुज गोयल, टेंट कारोबारी

हेलीकाप्टर से दुल्हनियां ले जाएंगे

सीमित मेहमानों में कार्यक्रम में भव्यता नहीं दिखने पर एक परिवार ने अलग तरीका निकाला है। पीलीभीत निवासी राजेश का रिश्ता बिलवा पपरिया टोल प्लाजा निवासी सोनी से हुआ है। परिजनों ने पीलीभीत बाईपास स्थित एक लॉन में वैवाहिक कार्यक्रम बाद विदाई हेलीकाप्टर से कराना तय किया है, इसके लिए एक निजी कंपनी से हैलीकाप्टर किराए पर लेकर विश्वविद्यालय परिसर से उड़ान भरने की अनुमति भी जिला प्रशासन से ले ली है।
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