बरेली। इत्तफाक ही था जिस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद प्रयागराज में दिव्यांगों को गले लगा रहे थे, ऐन उसी वक्त रोडवेज के एआरएम के सामने बैठे बहेड़ी के दिव्यांग विवेक पाल उस कंडक्टर की शिकायत कर रहे थे जिसने उनकी व्हीलचेयर बस में रखने के लिए पहले नाजायज तौर पर दो सौ रुपये मांगे और फिर उनकी दिव्यांगता का ख्याल किए बगैर तमाम यात्रियों के सामने बदसलूकी करते हुए उन्हें उतारकर नीचे खड़ा कर दिया। एआरएम की टालमटोल पर विवेक ने गुजारिश की कि कुछ और नहीं तो कम से कम इतना तो कर ही दें कि कंडक्टर दोबारा किसी दिव्यांग के साथ ऐसा व्यवहार न करे।
विवेक ने एआरएम भुवनेश्वर कुमार को बताया कि वह बंगलूरू से शुक्रवार की शाम दिल्ली पहुंचे थे। आनंद विहार बस अड्डे पर बरेली आने के लिए रुहेलखंड डिपो की बस यूपी 27 टी 8614 में चढ़ने के बाद अपनी व्हीलचेयर बस में रखवाने लगे तो कंडक्टर ने उनसे इसके लिए दो सौ रुपये देने को कहा। उनके यह कहने पर दिव्यांगों के लिए बसों में सरकार यह सुविधा मुफ्त देती है, कंडक्टर ने उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। उनके समझाने और दिव्यांगता की वजह से अपनी दिक्कतों का हवाला देने के बावजूद उसने उन्हें नीचे उतार दिया।
बरेली डिपो की दूसरी बस से विवेक शनिवार सुबर बरेली पहुुंचे तो बहेड़ी जाने के बजाय सीधे एआरएम भुवनेश्वर कुमार से मिले। उन्हें दिल्ली में अपने साथ हुई बदसलूकी के बारे में बताते हुए कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की तो एआरएम ने टालमटोल शुरू कर दी। विवेक ने कहा कि वह कार्रवाई इसलिए नहीं चाहते क्योंकि कंडक्टर ने उनके साथ बदतमीजी की है बल्कि इसलिए चाहते हैं ताकि कंडक्टर भविष्य में किसी और कुदरत के मारे के साथ ऐसी बदसलूकी न करे। विवेक के अड़े रहने पर एआरएम ने आरोपी कंडक्टर मुनेंद्रपाल का रूट बदल देने का भरोसा दिलाते हुए उन्हें लौटा दिया।
बसों में दिव्यांगों से बदसलूकी आम
उप्र परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा करने के लिए सात श्रेणी के लोग अनुमन्य हैं लेकिन फिर भी रोडवेज बसों का स्टाफ कमाई ज्यादा दिखाने के लिए इससे आनाकानी करने से बाज नहीं आता। दिव्यांगों के साथ अभद्रता करने के साथ उन्हें बस से उतार देने या टिकट थमा देने की शिकायतें आम तौर पर विभाग में पहुंचती रहती हैं। यह अलग बात है कि अफसरों के स्तर पर इन शिकायतों को गंभीरता से न लिए जाने की वजह से ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं। दिव्यांगों और अन्य श्रेणी के यात्रियों की मुफ्त यात्रा की प्रतिपूर्ति अलग-अलग विभाग करते हैं।
इन लोगों को बसों में मुफ्त यात्रा
लाभार्थी बस
सांसद सभी श्रेणी, एक सहवर्ती
विधायक सभी श्रेणी, एक सहवर्ती
स्वतंत्रता वोल्वो, प्लेटिनम छोड़कर
सेनानी अन्य श्रेणी, एक सहवर्ती
लोकतंत्र वोल्वो, प्लेटिनम छोड़कर
सेनानी अन्य श्रेणी, एक सहवर्ती
दिव्यांजन साधारण श्रेणी
मान्यता प्राप्त सभी श्रेणी
पत्रकार
पुरस्कृत साधारण श्रेणी
शिक्षक
निलंबित होगा दिव्यांग से बदसलूकी करने वाला कंडक्टर
बहेड़ी के दिव्यांग विवेक पाल से बस में बदसलूकी किए जाने का मामला परिवहन मंत्री अशोक कटारिया तक पहुंचा तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को मिलने वाली सुविधाएं सरकार ने निर्धारित की हैं। सरकार लगातार दिव्यांगों को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत देने की कोशिश कर रही है। कमजोर और निशक्त लोगों के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। दिव्यांगों को परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने के लिए प्रदेश सरकार उसकी प्रतिपूर्ति कराती है। उन्होंने कहा कि विवेक पाल के साथ की गई बदसलूकी अमानवीय और असहनीय है, आरोपी कंडक्टर को निलंबित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोई भी अधिकारी हो या फिर कर्मचारी, दिव्यांगों से अभद्रता करने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।