बरेली। स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर निगम ने शहर में कचरा प्रबंधन के लिए नई पहल की है। इसके तहत शहर के व्यस्त बाजारों और रिहायशी वार्डों में 88 कम्युनिटी कम्पोस्टर स्थापित किए जाएंगे। इस मुहिम का उद्देश्य गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर जैविक खाद बनाना है।
नगर निगम ने 88 कम्युनिटी कम्पोस्टरों की खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली है। योजना के पहले चरण में इन्हें मुख्य व्यावसायिक क्षेत्रों और बाजारों में स्थापित किया जा रहा है। बाजारों में सफलता के बाद इसका विस्तार वार्ड स्तर पर किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर ही गीले कचरे का प्रबंधन हो सकेगा। यह व्यवस्था डंपिंग साइट्स पर कचरे का बोझ कम करेगी। पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि बाजारों से निकलने वाले फल, सब्जियों के कचरे को अब सीधे कम्पोस्टर में डाला जाएगा। इससे बनने वाली खाद का उपयोग शहर के पार्कों और पौधरोपण अभियानों में होगा। यह पहल शहर की स्वच्छता रैंकिंग को भी मजबूत करेगी।
नई व्यवस्था कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ावा देगी
यह नई व्यवस्था कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को बढ़ावा देगी। इससे शहरवासियों में गीले और सूखे कचरे को अलग करने की आदत को प्रोत्साहन मिलेगा। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने कहा कि इस पहल से लोग कचरा सड़क पर नहीं फेंकेंगे। यह पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होगी। नगर निगम ने आम जनता और व्यापारियों से सहयोग की अपील की है। उनसे कचरा पृथक्करण में भागीदारी करने का आग्रह किया गया है। इससे कम्पोस्टिंग व्यवस्था का अधिकतम लाभ शहर को मिल सकेगा। यह पहल शहर को स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।