बरेली जिले में मीरगंज और फतेहगंज पश्चिमी के पास पांच नदियों से घिरे डिवना वेटलैंड की 15 हेक्टेयर भूमि पर पश्चिमी यूपी का पहला कछुआ संरक्षण क्षेत्र विकसित किया जाएगा। कछुआ संरक्षण क्षेत्र बनने के बाद यह इलाका यूपी के नक्शे पर चमकेगा। वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) के सर्वे में यहां अलग-अलग प्रजातियों के एक हजार से ज्यादा कछुओं की मौजूदगी पाई गई है।
डिवना वेटलैंड के पास बहगुल, भाकड़ा, कुल्ली और पीलाखार नदियां रामगंगा में मिलती हैं। हालांकि, इससे कुछ पहले कुल्ली नदी बहगुल नदी में जुड़ जाती है। जैविक विविधता और क्षेत्रफल के लिहाज से जिले में यह वेटलैंड सबसे बड़ा है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ एक साल से इन नदियों के साथ वेटलैंड का सर्वे कर रहा था।
कुछ महीने पहले रिपोर्ट वन, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण, जैव विविधता विभाग को सौंप दी गई। विशेषज्ञों के अध्ययन के बाद डिवना वेटलैंड के 15 हेक्टेयर हिस्से को कछुआ संरक्षण क्षेत्र के रूप में विकसित करने को स्वीकृति दे दी है।
डिवना वेटलैंड पर कछुआ संरक्षण क्षेत्र बनने के बाद बरेली में ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। वेटलैंड को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ मुरादाबाद शाखा की देखरेख में विकसित किया जाएगा। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ मुरादाबाद के अधिकारी मोहम्मद आलम ने बताया कि शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद इस संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी।