बरेली। पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल के वेलफेयर इंस्पेक्टर कुणाल और जितेंद्र के निलंबन के बाद अब दोनों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है। जांच कमेटी दोनों का रेलवे सेवा में आने के बाद का रिकॉर्ड खंगाल रही है। इस दौरान सामने आया है कि दोनों पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं। कार्रवाई भी हो चुकी हैं।
दोनों ने मृतक रेलवे कर्मचारी की आश्रित पत्नी को देयकों के भुगतान और नौकरी के नाम पर वसूली की थी। शिकायत मिलने पर जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी संदीप सिंह ने कुणाल व जितेंद्र को निलंबित कर दिया था। दोनों के खिलाफ जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों और रेलवे कर्मचारियों के परिवार को मृतक आश्रित कोटा के तहत मिलने वाली सुविधाएं दिलाने के नाम पर दोनों वेलफेयर इंस्पेक्टर 30 से 35 लोगों से वसूली कर चुके हैं।
इज्जतनगर मंडल में तैनाती के बाद कुणाल और जितेंद्र ने जिन रेल कर्मचारियों, उनके परिवारों की वेलफेयर के नाम पर मदद की उनका रिकाॅर्ड भी निकाला जा रहा है, ताकि उनसे भी पूछताछ के बाद दोनों के खिलाफ बर्खास्तगी जैसी कड़ी कार्रवाई की जा सके।