बरेली। नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही के चलते निगम क्षेत्र के लोग अब ठिठुरने को मजबूर हैं। ठंड बढ़ने पर पिछले सप्ताह निगम अधिकारियों ने शहर के कुछ चौराहों पर अलाव की व्यवस्था जरूर की, पर अब एक बार फिर इन चौराहों पर अलाव की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां लोग अपने पैसों से अलाव के लिए लकड़ियां खरीद रहे हैं। जला रहे हैं और ठंड से मुकाबला कर रहे हैं। पर निगम अधिकारी अपनी कागजी कार्रवाई में व्यस्त हैं। दावा कर रहे हैं कि अब भी मुख्य शहर के कई जगहों पर नगर निगम अलाव जलवा रहा है। वहीं, शहर के हर वार्ड में अलाव जलवाने की बात पर वह चुप्पी साध लेते हैं।
दरअसल, यह दावा करते समय वे यह भूल जाते हैं कि निगम ने पूर्व में अपने 80 वार्डों के ढाई सौ से अधिक जगहों को अलाव के लिए चिह्नित किया था। हर वार्ड में दो से तीन प्वाइंट चिह्नित किए गए थे। ऐसे में इन सभी वार्डों के सभी प्वाइंट पर अलाव की व्यवस्था की जानी चाहिए। यही नहीं, बाद में निगम में शामिल होने वाले 48 गांवों में भी अलाव की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। इसके लिए भी सर्वे किया गया। पर अब इस लिस्ट का कुछ अता पता नहीं। ठंड के दौरान अलाव जलाने के नाम पर निगम अधिकारी कोरी खानापूर्ति करने में लगे हैं। वर्तमान में शहर के दस ही ऐसे स्थल हैं जहां अलाव जलता दिखाई देता है। इसमें पुराने बस अड्डे समेत सेटेलाइट और अन्य इलाके शामिल हैं। ऐसें में निगम अधिकारियों की कार्यशैली का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में तीस जगहों पर अलाव की व्यवस्था की गई है। आने वाले दिनों में अलाव के प्वाइंट्स को और बढ़ाया जाएगा।
- संजीव प्रधान, स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम