फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: सौ करोड़ दे रहे कर, फिर भी सड़कें जर्जर

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। सरकारी खजाने में कर के रूप में सौ करोड़ रुपये का योगदान देने वाले फरीदपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। जर्जर सड़कें, शाम ढलते ही अंधेरे में गुम गलियां, जलनिकासी की दिक्कत के साथ दिन-रात बंदरों का आतंक झेलने के लिए विवश हैं। मंडलीय और जिला उद्योग बंधु की बैठकों में लगातार सुविधाओं की मांग उठ रही है, पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
विज्ञापन

उद्यमियों के मुताबिक फरीदपुर में वर्ष 1980 में औद्योगिक इकाइयों की स्थापना शुरू हुई थी। लंबे समय तक बिजली आपूर्ति की बाधा रही। तब जनरेटर से उद्योगों को बिजली आपूर्ति होती रही। वर्ष 2006 में एक उद्यमी ने जमीन दी। तब उद्यमियों के चंदे से औद्योगिक फीडर लगाया गया। इसी दौरान फरीदपुर औद्योगिक क्षेत्र का औपचारिक नामकरण हुआ।
यूपीसीडा ने परसाखेड़ा और भोजीपुरा औद्योगिक क्षेत्र बसाया है पर वहां अब भूखंड नहीं बचे हैं। लिहाजा, शहर के बाहर नकटिया से फतेहगंज पूर्वी तक उद्यमियों ने भूमि खरीदकर फैक्टरियां लगाईं। औद्योगिक क्षेत्र फ्री होल्ड भूमि पर स्थापित है। अब तक करीब दो सौ से ज्यादा इकाइयां स्थापित हैं। इनमें खाद्य प्रसंस्करण, प्लाईवुड, फार्मा कंपनी समेत नामचीन इंडस्ट्री संचालित हैं।
विज्ञापन

नहीं लगीं हैं स्ट्रीट लाइटेंफरीदपुर औद्योगिक क्षेत्र में कहीं भी स्ट्रीट लाइटें नहीं लगीं हैं। इससे रात में आवाजाही के दौरान हादसे की आशंका रहती है। पूर्व में कई बार घटनाएं हुईं, पर अफसरों ने संज्ञान नहीं लिया। वहीं, क्षेत्र के बाहर नकटिया से इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी तिराहे तक स्ट्रीट लाइटें लगीं हैं, पर तिराहे से फतेहगंज पूर्वी तक करीब 30 किमी में लाइटें नहीं हैं।


एक भी पक्की सड़क नहींक्षेत्र में एक भी पक्की सड़क नहीं है। न ही जलनिकासी की व्यवस्था। लिहाजा, सड़कों पर हुए जलभराव से गुजरने के दौरान अक्सर वाहनों के पहिये फंस जाते हैं। इससे सारा माल जमीन पर गिर जाता है। पास से गुजर रहे राहगीरों के भी जख्मी होने की आशंका रहती है। जलनिकासी की व्यवस्था न होने से बारिश में हालात बदतर हो जाते हैं।

खड़ंजा बिछवाया तो एनएचएआई ने थमाया नोटिस
आवाजाही के लिए कुछ उद्यमियों ने खड़ंजा बिछवाया तो एनएचआई ने उनको नोटिस थमा दिया। इसमें आवाजाही को अवैध बताते हुए बगैर अनुमति रास्ता बनाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। क्रैश बैरियर लगाने के लिए एनएचएआई ने मुख्यालय को पत्र भेजा है। लिहाजा, उद्यमियों ने मंडलायुक्त, जिलाधिकारी से मिलकर नोटिस निरस्त कराने समेत सर्विस लेन का निर्माण कराने की मांग की है। ब्यूरो

सुविधाएं मिलें तो बढ़े उत्पादन
क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटें नहीं लगीं हैं। हाईवे पर भी अंधेरा रहता है। आवाजाही के दौरान दुर्घटना की आशंका है। जिला प्रशासन से सुविधाओं की मांग की है। सुविधा मिले तो उत्पादन बढ़ेगा। - गुरप्रीत सिंह, अध्यक्ष, फरीदपुर औद्योगिक क्षेत्र
औद्योगिक क्षेत्र में न स्ट्रीट लाइटें लगीं हैं। सड़कें जर्जर हैं। बंदरों का आतंक भी है। वे केबल, सीसीटीवी कैमरों के तार आदि तोड़ देते हैं। इससे आग लगने की आशंका रहती है। - अभिनव अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, फरीदपुर औद्योगिक क्षेत्र
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सुविधाओं के संबंध में मांग की गई, पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। अगर उद्यमी खुद अपने लिए सुविधाओं की व्यवस्था करें तो नोटिस मिल रहे हैं। - रजत मेहरोत्रा, सचिव, फरीदपुर औद्योगिक क्षेत्र
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें