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Bareilly News: हम तो मजदूर हैं साहब, वोट जरूरी और पेट भी

Wed, 08 May 2024 05:07 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। बिथरी में बूथ पर 62 वर्षीय रामस्वरूप चिलचिलाती धूप में दोपहर एक बजे पत्नी रामदेई के साथ वोट डालने पहुंचे। वोट डालकर जा ही रहे थे कि सड़क किनारे एक मढ़ैया को देख उसकी छांव में बैठ गए। थकी हारीं रामदेई भी सुस्ताने के लिए पास में बैठ गईं। चेहरे पर एक जिम्मेदारी पूरी होने का भाव नजर आ रहा था।
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छांव में बैठने पर हमें लगा कि इन्हें कहीं दूर जाना है। पूछने पर रामस्वरूप ने बताया कि पास में उड़ला जागीर गांव में प्रेमनगर गौटिया में रहते हैं। गांव तो दूर नहीं लेकिन घर नहीं भट्ठे पर जाना है। पूछा क्यों? तपाक से जवाब दिया कि हम तो मजदूर हैं साहब, पेट की चिंता भी करनी पड़ती है। हर बार वोट डालते हैं, इस बार भी वोट डालने आए हैं।
इसके बाद पूछने पर रामस्वरूप ने अपने बारे में बताया। कहा पास में ईंट भट्ठा है, वहां हम दोनों (पति-पत्नी) मजदूरी करते हैं। 1500 ईंट दिन में पाथने पर पांच सौ रुपये की दिहाड़ी मिलती है। पत्नी और हम दिन में मिलकर 1000-1200 ईंटें पाथ पाते हैं, तब पांच सौ रुपये दिहाड़ी कमा पाते हैं।
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हमारे लड़के गोविंद की पर्ची नहीं आई इसलिए वह वोट डालने भी नहीं आया। पास में ही कई भट्ठे थे लेकिन मंगलवार को कोई यहां मजदूरी करने नहीं आया। सवाल के जवाब में रामस्वरूप ने कहा कि वह दिहाड़ी के मजदूर नहीं हैं। जितनी पाथ लेते हैं उतने रुपये मिल जाते हैं।
सुबह आठ बजे भट्ठे पर जाकर पति-पत्नी ने काम शुरू कर दिया था। करीब दो-ढाई सौ ईंटें पाथ आए हैं। चूंकि वोट भी डालना था तो बूथ पर पहुंचकर डाल दिया। अब लौटकर फिर ईंटें पाथने जा रहे हैं। खेतीबाड़ी है नहीं, गांव के आसपास मजदूरी मिल जाती है तो दूर जाना बच जाता है। मजदूरी नहीं करेंगे तो दो जून की रोटी कैसे कमाएंगे। दोनों ही जरूरी हैं। इसके बाद दोनों अपनी मंजिल की तरफ चल दिए।
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