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नाथनगरी एयर टर्मिनल का रास्ता साफ

Wed, 11 Apr 2018 06:37 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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plane - फोटो : self
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नाथनगरी एयर टर्मिनल से हवाई सेवाएं शुरू करने की सभी बाधाएं पार हो गई हैं। टैक्सी वे और एप्रॉन आदि निर्माण कार्यों के लिए वांछित सात एकड़ भूमि का अधिग्रहण और किसानों से बैनामा की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। सिर्फ चार नाबालिग जमीन मालिकों से जमीन लेने के लिए अगले माह लिखा पढ़ी होगी।
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मयूर बन चेतना केंद्र से सटी सात एकड़ भूमि का अधिग्रहण होने के बाद अब किसानों से बैनामा भी हो गए हैं। मंगलवार सुबह से शाम तक 59 किसानों से रजिस्ट्रियां कराई गईं। सिर्फ चार नाबालिग भूमि धारकों से बैनामा होने बाकी हैं। नियमानुसार डीएम की अनुमति के बाद ही नाबालिग बैनामा करा सकते हैं। इस काम में एक माह लग सकता है। इन चारों नाबालिग किसानों के पास आधा एकड़ से भी कम भूमि है, इन चारों के  खातों में जिला प्रशासन ने मुआवजा राशि ट्रांसफर करा दी है। जिला कोषागार की मनमानी के चलते बैनामा प्रक्रिया एक सप्ताह बाद हो पाई, क्योंकि पिछले माह मुआवजा राशि 8.21 करोड़ रुपये शासन से मिलने के बाद भी कोषाधिकारी ने संबंधित किसानों के खातों में हस्तांतरित नहीं की थी।

एयरपोर्ट अथॉरिटी अफसर ने कराए बैनामा
भूमि अध्यापित अधिकारी सुल्तान अशरफ ने सात एकड़ भूमि की रजिस्ट्री कराने के लिए मंगलवार सुबह से ही तैयारी शुरू करा दी थीं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया से अधिकृत एजीएम अविनाश खैरनार लखनऊ से पहुंचे। सारे बैनामा उनके नाम पर ही हुए। जिला प्रशासन जल्द ही अधिग्रहीत सात एकड़ भूमि एयरपोर्ट अथॉरिटी का हस्तांतरित करेगा। 
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टैक्सी वे और एप्रॉन निर्माण जल्द
भूमि संबंधी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया टैक्सी वे, एयरक्राफ्ट एप्रॉन, यात्री प्रतीक्षालय, लोडिंग अन लोडिंग बेस आदि का निर्माण शुरू कराएगा। हालांकि त्रिशूल प्रशासन ने वैकल्पिक तौर पर अस्थाई उड़ानें शुरू कराने के लिए अपने परिसर में बने एप्रॉन आदि के इस्तेमाल की अनुमति पिछले दिनों एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक में दे दी थी।

मानचित्र स्वीकृति की कोई समस्या नहीं
सिविल एन्क्लेव निर्माण में वायुसेना बाधा नहीं है, उसकी सहमति और निर्देशन में ही पूरा प्रोजेक्ट चल रहा है, इसलिए एनओसी की आवश्यकता नहीं है। निर्माण आदि की एनओसी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग से जारी होनी है। जो इसी माह मिल जाएगी, लेकिन निर्माण पहले से ही परिसर में चल रहा है।

59 किसानों से बैनामा हो गए हैं। चार नाबालिग भूमि धारकों से औपचारिकताएं होनी बाकी हैं। निर्माण आदि कार्य में वायुसेना और रक्षा मंत्रालय बाधक नहीं है, उनके सहयोग से ही काम हो रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग से एनओसी जरूरी है, जो जल्द मिल जाएगी। - सुल्तान अशरफ सिद्दीकी, भूमि अध्यापित अधिकारी
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