बरेली। दो दिनों से जारी बारिश ने स्मार्ट सिटी में जलनिकासी की पोल खोल दी। नाला सफाई के नाम पर दो करोड़ रुपये बह गए। जलभराव, सड़कों पर हुए गड्ढों और बिजली कटौती से जूझ रहे शहरवासी व्यवस्था को कोसते नजर आए। निचले इलाकों सहित पॉश कॉलोनियों में भी जलभराव हुआ। सबसे बुरा हाल मलूकपुर, कुतुबखाना समेत पुराने शहर का रहा। यहां से लोगों का निकलना भी मुश्किल हो गया।
बृहस्पतिवार को शहर के पॉश इलाकों डीडीपुरम, राजेंद्रनगर समेत मॉडल टाउन में जलभराव हुआ। शहर के निचले इलाकों में शुमार सुभाषनगर, संजयनगर, हजियापुर, सिकलापुर, दुर्गानगर, पुराना शहर, मलूकपुर, जसौली, बिहारीपुर, मुंशीनगर, सूफी टोला, सैलानी बाजार, मुन्ना खां की नीम, मीरा की पैठ, सतीपुर, फाइक इन्क्लेव और खुशबू इन्क्लेव की सड़कें जलमग्न हो गईं। लोगों को गंदे पानी से होकर निकलना पड़ा। तीन घंटे बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।
सड़क के गड्ढों में भरा पानी
डीडीपुरम की सड़कों पर गड्ढे हो गए और उनमें पानी भर गया। सिटी स्टेशन रोड से लेकर चौपुला पुल के नीचे तक और संजयनगर, कोहाड़ापीर से धर्मकांटे की ओर जाने वाली सड़क पर भी गहरे गड्ढे हो गए। इसकी वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। संवाद