बिशारतगंज। बृहस्पतिवार सुबह तेज हवा के साथ बारिश हुई। इसके बाद सब स्टेशन की विद्युत आपूर्ति 13 घंटे बाद भी सुचारू नहीं हो सकी। पूरे दिन ब्लैक आउट रहने के कारण कस्बा सहित इलाके के विद्युत उपभोक्ता बेहद परेशान रहे।
आंवला के 132 केवीए विद्युत केंद्र से आने वाली लाइन में सुबह 5 बजे करीब बारिश शुरू होने के बाद आए फॉल्ट के कारण सप्लाई ठप हो गई। दस बजे करीब बारिश रुकने के बाद भी सप्लाई चालू नहीं हो सकी। खबर लिखे जाने तक शाम करीब सात बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई थी। मोबाइल चार्ज करने के लिए भी लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ा।
जगह-जगह पानी भरे रहने से लोग रहे परेशान
आंवला। बुधवार व बृहस्पतिवार को हुई बरसात के बाद नगर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। हालांकि कुछ इलाकों में बरसात रुकने के बाद पानी नालियों से बह गया, फिर भी रामलीला गेट के निकट मोहल्ला सिद्धार्थ पुरम से विलायतगंज की ओर जाने वाला मार्ग, मोहल्ला भुर्जी टोला ओमपाल वाली गली, भूमि विकास बैंक से रामलीला गेट की ओर जाने वाली सड़क आदि में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण जल भराव होने से मोहल्लेवासियों को काफी परेशानी हुई। बरसात का पानी घरों में घुस गया। संवाद
घरों से लेकर सड़कों तक रहा पानी, किसानों के खिले चेहरे
अलीगंज। बृहस्पतिवार सुबह हुई जोरदार बारिश के कारण क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि, बारिश होने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत महसूस हुई, लेकिन जलभराव के कारण लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ी। तड़के शुरू हुई जोरदार बारिश दस बजे तक जारी रही। ऐसे में क्षेत्र के गैनी, अलीगंज, सूदनपुर, सिसौना, शिवनगर, धनेती खरगपुर, हैबतपुर आदि गांवों की सड़कों व अन्य हिस्सों में पानी भर गया।
धान के लिए वरदान है बारिश
बारिश होने से किसान काफी खुश नजर आए। किसान राजेंद्र सिंह, चरन सिंह के मुताबिक इस बारिश का होना धान की फसल के लिए काफी फायदेमंद है। बारिश होने से जहां पानी की बचत होगी, वहीं बिजली का खर्च भी बचेगा। इधर, नवाबगंज में भी किसानों के चेहरे बारिश में खिल उठे।
रास्ते में भरा पानी, 16 गांव का आवागमन ठप
भमोरा। देवचरा से प्रेम राजपुर सहासा होते हुए चींजरी, पस्तोर, समाधिपुर,भूड़ा आदि 16 गांवों को जाने वाले रास्ते में जलभराव होने से आवागमन ठप रहा। बरसात के चलते प्रेम राजपुर व सहासा गांव के बीच में कई वर्ष पूर्व पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा रफ्टा पुलिया का निर्माण कराया गया था। अब जब थोड़ी सी अधिक बारिश होती है तो पुलिया नीचे होने के कारण रोड पर करीब 3 फुट पानी भर जाता है। इससे 16 गांव का संपर्क मार्ग टूट जाता है। इस संबंध में कई बार ग्रामीणों ने शिकायत की, लेकिन कोई हल निकला नहीं। संवाद