रेजीडेंसी गार्डन में ट्रैक्टर से हो रहा आवागमन
- फोटो : अमर उजाला
बरेली में बारिश थमने के बाद जलभराव कम हुआ है, लेकिन रेजीडेंसी गार्डन में अब तक जिंदगी की गाड़ी पटरी पर नहीं लौटी है। कॉलोनी में सोमवार को भी दो फुट तक पानी भरा रहा। अधिकतर लोगों ने होटलों में या रिश्तेदारों के यहां शरण ले रखी है। नगर निगम व निकायों के वाहनों को लगाकर जलनिकासी कराई जा रही है। राहत की बात यह है कि सोमवार शाम पांच बजे से बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई है। लोग रिक्शा, ट्रैक्टर पर सवार होकर आवागमन कर रहे हैं।
पानी से होकर गुजरते लोग
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कॉलोनी की हरमीत कौर ने बताया कि जितनी वीआईपी कॉलोनी है, उतनी ही लोगों को समस्या झेलनी पड़ रही है। पिछली बार जलभराव के बाद हालात ठीक होने पर सात सितंबर को रहना शुरू किए थे, अब फिर स्थिति खराब हो गई है। जिस उम्मीद से कॉलोनी में रहना शुरू किए थे, उस पर पानी फिर रहा है।
रेजीडेंसी गार्डन में जलभराव
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इस बार कम खराब हुए वाहन
पिछली बार की अपेक्षा इस बार वाहन कम खराब हुए हैं। पिछली बार करीब 100 चार पहिया तो इससे अधिक दो पहिया वाहन खराब हुए थे। इस बार लोग पहले से सतर्क हो गए थे। लोगों ने वाहनों को कॉलोनी के मुख्य गेट पर लाकर खड़ा कर दिया है। इतनी सतर्कता के बावजूद 15 से 20 चार पहिया वाहन, 50 दो पहिया वाहन खराब हो गए हैं।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि नगर निगम की टीम लगी हुई है। पंप मशीनों के जरिये जलनिकासी कराई जा रही है। दो दिनों में पूरा पानी निकाल दिया जाएगा। उसके बाद सफाई अभियान चलाया जाएगा।