मीरगंज। हाईवे से तहसील जाने वाले मार्ग पर बारिश से जलभराव होता है। सड़क के पास तालाब पाटकर प्लॉटिंग होने से बारिश के पानी की निकासी बाधित है। इसके कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले बारिश का पानी तालाब में चला जाता था। तालाब पाट दिए जाने से पानी सड़क पर भर जाता है। मेवात मोहल्ले का गंदा पानी भी इसी स्थान पर आकर मिलता है। इससे सड़क पर गंदगी और दुर्गंध होती है। दोपहिया वाहन चालकों को ज्यादा दिक्कत होती है। पानी में जाने पर कई बाइक बंद हो जाती हैं। स्थानीय निवासी संतोष शर्मा ने जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने पर चिंता जताई। भगवान सिंह गंगवार ने तालाब पाटने और प्लॉटिंग की जांच की मांग की। प्रशासन से स्थायी समाधान की अपील की है।
इस बाबत अधिशासी अधिकारी प्रियंका ने बताया कि अमृत 2.0 योजना के तहत एक प्लांट स्वीकृत हुआ है। इसकी लागत करीब चार करोड़ रुपये है। यह प्लांट मीरगंज में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करेगा। शासनस्तर से प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही कार्य शुरू होगा। इससे कस्बावासियों को बरसात के दौरान जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है।