जेल भेजे गए चार बदमाश, तमंचा-चाकू और लूटी गई रकम बरामद
बरेली। नेशनल हाईवे से पिकअप लूटने की साजिश नमकीन फैक्टरी में काम करने वाले कर्मचारी ने ही रची थी। उसी ने बदमाशों को गाड़ी के बारे में जानकारी दी। उस भी गिरफ्तार कर पुलिस ने गुरुवार को चारों बदमाशों को जेल भेज दिया। पूछताछ के दौरान बदमाशों का कोई आपराधिक इतिहास पता नहीं चला। एक लुटेरे पर कुछ कर्जा होने की बात सामने आई है। बताया गया कि लुटेरों को गाड़ी में रखा कैश लूटना था लेकिन ऐन मौके पर वे गाड़ी को ही ले उड़े।
बुधवार शाम अपाचे बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने लखनऊ हाईवे पर गरुड़ डिवीजन के पास पिकअप वैन लूट ली थी। करगैना के रहने वाले चालक अबरार अहमद ने बताया कि गाड़ी में 27,960 रुपये रखे थे। गाड़ी में परसाखेड़ा स्थित फैक्टरी की नमकीन के डिब्बे लदे थे। घटना के बाद पकड़े गए तीनों बदमाशों से पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि गाड़ी के बारे में कृष्णपाल उर्फ केपी ने उन्हें सूचना दी थी। नकटिया चौकी इंचार्ज विदेश सिंह ने बताया कि जिस गाड़ी को लूटा गया वह परसाखेड़ा की एक नमकीन फैक्टरी में लगी है। गाड़ी दिन में शाहजहांपुर नमकीन लेकर जाती है और शाम को दुकानदारों से वसूली कर लौटती है। केपी की कुछ समय पहले ही इस फैक्टरी में नौकरी लगी थी। उसे गाड़ी के बारे में पूरी जानकारी रहती थी। वह चालक अबरार को भी जानता था। केपी ने ही समर और उसके साथियों को गाड़ी के बारे में जानकारी दी थी। घटना से कुछ समय पहले केपी ने अबरार को फोन करके उसकी लोकेशन भी पूछी थी। पुलिस ने केपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए बदमाशों का कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है।
पुलिस ने घटना के दो घंटे बाद ही लुटेरे समर उर्फ गोलू निवासी डेलापीर गौंटिया मजार वाली गली, इज्जतनगर, राहुल उर्फ नन्हा निवासी लेबर कॉलोनी हाथरस, मोहित निवासी संजयनगर को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के बाद इनके साथी कृष्णपाल उर्फ केपी निवासी विष्णुधाम कॉलोनी इज्जतनगर को भी गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान समर के पास से तमंचा और कारतूस, अन्य बदमाशों के पास से चाकू बरामद हुए। लूटी गई रकम गाड़ी में ही रखी मिल गई।
घटना से पहले सेटेलाइट बस अड्डे पर पी थी शराब
तीनों लुटेरे योजना के मुताबिक सेटेलाइट बस अड्डे पर इकट्ठा हुए। यहां तीनों ने शराब पी। इसके बाद जब उन्हें पता चला कि गाड़ी नकटिया का पुल पार कर चुकी है, तब वह वारदात को अंजाम देने के लिए निकल पड़े। पूछताछ में तीनों बदमाशों ने पुलिस को बताया काफी समय से वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। ऐसे में केपी के कहने पर लूट की योजना बना ली।