बरेली। विद्युत वितरण खंड तृतीय के एक्सईएन के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद परितोष आयोग द्वितीय पीठ ने जमानती वारंट जारी किया है। आयोग ने 19 साल पहले एक्सईएन को एक मामले में उपभोक्ता को सही बिल जारी करने और वसूली की कार्रवाई स्थगित करने का आदेश दिया था। इस आदेश का एक्सईएन ने पालन नहीं किया।
कालीबाड़ी निवासी रविंद्र नाथ शर्मा बिजली के बिल का समय से भुगतान करते रहे, लेकिन मार्च 1999 में उनको अचानक 32,559 रुपये का बिजली बिल भेज दिया गया। वह अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे। उनको बिल के सही बिल उपलब्धा नहीं कराए गए। इसके बाद जुलाई 2000 में उनके खिलाफ 86,342 रुपये की वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई। उपभोक्ता ने विवाद परितोष आयोग की शरण ली तो आयोग ने अगस्त 2005 में एक्सईएन तृतीय को सही बिल उपलब्ध कराने, वसूली कार्रवाई स्थगित करने का आदेश दिया। आयोग के आदेश का पालन नहीं किया गया। मामले में 16 सितंबर को आयोग ने सुनवाई के बाद आदेश का पालन न करने पर एक्सईएन के खिलाफ पांच हजार रुपये का जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया है। उनको 28 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश भी दिया है। संवाद