नवाबगंज। सरकार की ओर से किसानों को निशुल्क एवं अनुदान पर बीज वितरण कराने को लेकर राजकीय कृषि बीज भंडार पर सरसों, मसूर समेत आदि का बीज मंगाया गया, लेकिन बीज भंडार के प्रभारी किसानों के लिए आए चार क्विंटल सरसों व चने का बीज का वितरण न कर खुद हजम कर गए।
किसानों की शिकायत पर एसडीएम ने एसडीओ कृषि और उप संभागीय प्रसार अधिकारी को जांच सौंपी। बीज भंडार पर बीज का सत्यापन किया गया तो मामला सामने आया। अधिकारियों ने अपनी अपनी रिपोर्ट सक्षम अधिकारियों को भेज दी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई हो सकती है।
सरकार की ओर से निशुल्क चना 48 क्विंटल, मटर तीन क्विंटल, सरसों व मसूर 25 क्विंटल 20 किलो आदि का बीज राजकीय बीज भंडार पर मंगाए गए। वहीं, गेहूं का बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर मिल रहा है। बीते शुक्रवार किसान राजकीय कृषि बीज भंडार पर गेहूं का बीज लेने पहुंचे तो गोदाम प्रभारी मनोज कुमार 4395 रुपये प्रति क्विंटल रेट बताया, जिसमें से 50 प्रतिशत सरकार अनुदान दे रही है। किसानों का आरोप है कि 40 किलो के प्रति बोरी गेहूं के बीज की खरीद पर 36 रुपये अवैध रूप से लिया जा रहा था। मामले की जानकारी मिलते ही किसान भड़क उठे। किसानों ने विरोध करना शुरू कर दिया। किसानों की नाराजगी देख गोदाम प्रभारी ने 36 रुपये बाद में लौटाने का आश्वासन दिया। किसानों ने इस मामले में डीएम और जिला कृषि अधिकारी के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा था।
इन किसानों ने की थी शिकायत
रविवार को कृषि उप निदेशक बरेली अभिनंदन सिंह और उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी नरेंद्र प्रताप ने राजकीय कृषि बीज भंडार पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। केंद्र में मौजूद किसान सुरेन्द्र कुमार ग्राम अटंगा, द्वारिका प्रसाद हरदुआ व अन्य से अधिकारियों ने गेहूं के बीच के वितरण की जानकारी ली तो किसानों की शिकायत सही मिली। जिस पर अधिकारियों ने केंद्र प्रभारी मनोज कुमार को फटकार लगाते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए।
डीएम और एसडीएम ने रिपोर्ट तलब की
एसडीएम अजय कुमार उपाध्याय ने एडीओ कृषि राधेश्याम और डीएम ने उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी नरेन्द्र प्रताप सिंह की संयुक्त टीम बनाकर गोदाम में रखे बीज का सत्यापन कर रिपोर्ट तलब की है। टीम ने बीज का सत्यापन करने पर पाया कि सरसों का बीज एक क्विंटल 70 किलो ,चना 21 किलो, 197 किलो सरसों राई ब्रिकी वाला कम मिला है। अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट अधिकारियों को सौंप दी है। संवाद
एसडीएम के आदेश पर गोदाम में रखे बीज के सत्यापन करने की जांच सौंपी गई थी। इसका उपसंभागीय कृषि प्रसार अधिकारी की मौजूदगी में सत्यापन किया गया है, जिसमें बीज की मात्रा कम मिली है। इसकी रिपोर्ट बनाकर अधिकारियों को भेज दी गई है।
-राधेश्याम, एडीओ कृषि