नगर निगम ने जुलाई में पार्षदों से पौधे लगाने के प्रस्ताव मांगे थे। 80 पार्षदों ने 15 हजार पौधे लगाने के प्रस्ताव भेजे। पांच माह बाद भी अधिकांश वार्डों में पौधे नहीं पहुंचे। गांधी उद्यान के गेट से पांच माह के दौरान 6347 पौधे बाहर निकले। ठेकेदार का दावा है कि उसने वार्डों में एक हजार पौधे लगवाए। कर्मचारी नगर की नर्सरी से 15 हजार से ज्यादा पौधे खरीदे गए। डिवाइडरों के अलावा खाली पड़ी जमीन पर इनको लगाने के लिए लोहे के टी गार्ड भी बनवाए गए। न तो टी गार्ड पहुंचे और न ही उनके पौधे लगे। पार्षद सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ये पौधे कहां लग गए।
पर्यावरण अभियंता उत्तम कुमार वर्मा गांधी उद्यान के प्रभारी हैं। उन्होंने प्रत्येक पार्षद से अपने वार्ड में पौधरोपण कराने के लिए डिमांड मांगी। 70 चुने हुए और 10 नामित पार्षदों ने 15 हजार पौधे लगाने की डिमांड भेजी। कर्मचारी नगर की नर्सरी से चांदनी, बेगन बोलिया, आम, जामुन, अशोक, गुलहड़ और बांस आदि के पांच लाख से ज्यादा के पौधे खरीदे गए। नर्सरी से इन पौधों की खरीदारी 10 से 80 रुपये प्रति पौधे की दर से हुई। सड़कों के डिवाइडर पर पौधरोपण की प्लानिंग हुई। श्यामगंज से गांधी उद्यान के डिवाइडर पर पौधरोपण बीडीए ने कराया। नगर निगम ने न तो वार्डों में पौधरोपण कराया और न ही वार्डों में। एक हजार से ज्यादा पौधे गांधी उद्यान में ही सूख गए। पौधों की सुरक्षा के लिए एक हजार रुपये प्रति की दर से लोहे के टी गार्ड खरीदे। 828 टी गार्ड गेट से बाहर ले जाए गए। लगभग पांच सौ टी गार्ड गांधी उद्यान में लगे हैं जबकि ठेकेदार को ये कहकर पौधे लगाने से मना कर दिया गया कि उनकी सुरक्षा के लिए टी गार्ड उपलब्ध नहीं है। टी गार्ड और पौधरोपण पर 15 लाख से ज्यादा का बजट खर्च हो गया जबकि हरियाली कहीं नहीं दिख रही।
पार्षदों को भी नहीं मिले पौधे
वार्ड 41 बुखारपुरा के पार्षद रुपेंद्र पटेल ने सौ पौधों की डिमांड दी। अब तक उनके वार्ड में एक भी पौधा नहीं भेजा गया। वार्ड 40 हरूनगला की पार्षद सुनीता यादव ने दौ सो पौधों की डिमांड भेजी थी। नेकपुर के पार्षद हरीशंकर ने डेढ़ सौ, वार्ड 55 गुलाबनगर के पार्षद विपुल लाला ने सौ और सैदपुर हाकिंस की पार्षद मनीषा सक्सेना ने दो सौ पौधे लगाने की डिमांड भेजी थी। इन पार्षदों के मुताबिक बरसात के पांच माह बाद एक भी पौधा वार्डों में नहीं पहुंचा। अन्य वार्डों में भी न तो पौधे पहुंचे और न ही लोहे के टी गार्ड। इस बारे में पर्यावरण अभियंता उत्तम वर्मा से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो मोबाइल पर संपर्क नहीं हो सका।
हमें पहले सभी वार्डों में पौधे लगाने को कहा गया था। हमने 12-13 वार्डों में एक हजार पौधे लगाए। पर्यावरण अभियंता ने बाद में मना कर दिया तो हमने लगाने बंद कर दिए। आदेश सैनी, ठेकेदार पौधरोपण
मैं अभी एक फंक्शन में हूं। जो पार्षदों पौधे न पहुंचने की बात कह रहे हैं उनके बारे में, मैं बाद में बात करूंगा। उत्तम कुमार वर्मा, पर्यावरण अभियंता नगर निगम
पौधरोपण में मेयर का वर्जन
पार्षदों को ये बात पहले ही उठानी थी। जुलाई में पौधरोपण कराया गया। पांच महीने बाद याद आ रही है। अगर कहीं गड़बड़ी है तो इसका जवाब पर्यावरण अभियंता देंगे। डा. आईएस तोमर, मेयर