एकतरफा कहलाएगी रिपोर्ट- मौलाना
शहाबुद्दीन रजवी ने ये भी कहा कि बरेलवी उलमा उनसे बातचीत करके अपना पक्ष रखना चाहते थे। इस संबंध में उनको पत्र भी लिखा, मगर उन्होंने न मुलाकात का समय दिया और न ही पत्र का कोई जवाब दिया। उनके काम करने की कार्यशैली जेपीसी के अध्यक्ष की हैसियत से बेहतर नहीं कही जा सकती। इस स्थिति में वक्फ संशोधन बिल पर संसद में पेश की जाने वाली रिपोर्ट एकतरफा कहलाएगी। उनको अपने काम करने के तौर तरीकों पर पुनर्विचार करना चाहिए।