बरेली। समाजवादी पार्टी में वर्चस्व की जंग अब इस मोड़ पर पहुंच चुकी है कि एक धड़ा दूसरे धड़े का वर्चस्व स्वीकार करने के बजाय रामपुर के किसी भी आदमी को सिर आंखों पर बिठाने को तैयार है। अनिल शर्मा टिकट मिलने के बाद जब सपा दफ्तर में प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे तब उनके साथ केवल भगवतसरन और अताउर्रहमान ही मौजूद थे जबकि वीरपाल सिंह यादव ने अपने घर पर भंडारा बुला लिया था। वीरपाल के घर रात 11 बजे तक दावत चली। इसमें विधायक शहजिल इस्लाम और मेयर डा. आईएस तोमर को अनिल शर्मा के खिलाफ लेटर बम के लिए इस्तेमाल किया गया। हालांकि आधिकारिक तौर पर ये लेटर सपा दफ्तर में लिखना बताया जा रहा है। जब लगा कि अनिल शर्मा का टिकट कट सकता है तो ये लेटर चुपके से मीडिया की ओर बढ़ा दिया गया। इसमें अनिल शर्मा को कमजोर प्रत्याशी बताकर टिकट बदलने की मांग की गई है। हालांकि वीरपाल अपने लेटर पैड और हस्ताक्षर को फर्जी बता रहे हैं जबकि मेयर का कहना है कि लेटर पर उनके समेत सबके हस्ताक्षर असली हैं। ‘लेटर बम’ फटने के बाद रविवार को डा. अनिल शर्मा का टिकट बदलने की चर्चाएं चलती रहीं। नेता फोन पर टिकट बदलने की खबर एक दूसरे से पूछते रहे। देर शाम तक जिलाध्यक्ष समेत पार्टी के अन्य नेताओं से टिकट बदलने की कोई अधिकृत जानकारी नहीं मिली।
बरेली-रामपुर सीट से सपा में एमएलसी का टिकट डा. अनिल शर्मा को मिलने से जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव और मेयर डा. आईएस तोमर समेत पार्टी के तमाम दिग्गज नाराज हैं। डा. तोमर और अनिल शर्मा के बीच मेयर चुनाव के समय से छत्तीस का आंकड़ा है। 10 फरवरी को जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सिंह, विधायक शहजिल इस्लाम, पूर्व सांसद सर्वराज सिंह, पूर्व विधायक महिपाल सिंह यादव, इस्लाम साबिर, जिला उपाध्यक्ष जाहिद हुसैन गुड्डू, अरविंद गंगवार, ब्लाक प्रमुख अनुराधा यादव, सीमा यादव, सुमनलता, चौधरी धर्मपाल सिंह, प्रीति यादव, जगमोहन यादव, पुरुषोत्तम गंगवार, राजीव गुप्ता, आदेश यादव गुड्डू, ममता देवी समेत 25 नेताओं ने अपने हस्ताक्षर से पार्टी हाईकमान को जो पत्र भेजा, उसमें डा. अनिल शर्मा को कमजोर प्रत्याशी बताया गया। एमएलसी का टिकट अनिल शर्मा के स्थान पर किसी मजबूत व्यक्ति को देने की मांग की गई। हालांकि वीरपाल सिंह यादव ने अपने हस्ताक्षर से हाईकमान को इस तरह का कोई भी पत्र भेजने से इनकार किया है।
‘अगर लेटर पर अध्यक्ष जी के हस्ताक्षर असली हैं तो मेरे भी असली। अगर अध्यक्ष जी के फर्जी हस्ताक्षर हैं तो मेरे भी फर्जी हैं। अध्यक्ष जी अगर लेटर फर्जी बता रहे हैं तो मैं भी कह रहा हूं कि ये फर्जी है।’ अरविंद गंगवार, जिला उपाध्यक्ष सपा
‘मुझे लेटर के बारे में जानकारी नहीं है। उसमें मेरे दस्तखत असली हैं या फर्जी। मैं इस बारे में कुछ नहीं बता सकता।’ इस्लाम साबिर, पूर्व विधायक
‘हाईकमान को लिखा गया लेटर असली है। ये अध्यक्ष जी की सहमति से ही लिखा गया था। अब निर्णय हाईकमान के ऊपर है। हाईकमान अगर अनिल शर्मा को प्रत्याशी बनाए रखता है तो हम सब मिलकर तन मन धन से चुनाव लड़ाएंगे।’ जाहिद हुसैन गुड्डू, जिला उपाध्यक्ष सपा
‘मेरे पास पर टिकट बदलने की कोई सूचना नहीं आई। हमने ऐसा कोई पत्र हाईकमान को नहीं भेजा था। कल हम एमएलसी के लिए डा. अनिल शर्मा का नामांकन कराएंगे।’ वीरपाल सिंह यादव, जिलाध्यक्ष सपा
‘पत्र में सबके हस्ताक्षर असली हैं। जो भी लेटर को फर्जी बता रहा है, वह गलत बोल रहा हैं। मैं बाहर से लौटने के बाद इस मामले पर बात करूंगा।’ डा. आईएस तोमर, मेयर
‘मेरी पार्टी के नेताओं के विश्वास के सामने एमएलसी का टिकट बहुत छोटी चीज है। वह जब चाहे काट सकते हैं। अगर किसी ने मुझे कमजोर प्रत्याशी माना है तो वह सही हैं। कमजोर का साथ हमेशा ईश्वर देता है।’ डा. अनिल शर्मा, प्रत्याशी एमएलसी