जिस संदेश कनौजिया को जिला उपाध्यक्ष बनाए जाने से नाराज वीरपाल सिंह यादव ने चुनावी व्यस्तता का हवाला देकर जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था उस कनौजिया को जिला कार्यकारिणी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। नए प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने वीरपाल का इस्तीफा नामंजूर करते हुए सपा में उनकी दोबारा इसी पद पर ताजपोशी कर दी। यही नहीं कनौजिया के धुर विरोधी बिजेंद्र सिंह को अब जिला उपाध्यक्ष बना दिया गया है। नई कार्यकारिणी में वीरपाल विरोधियों का पत्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रदेश अध्यक्ष रहते नौ सितंबर को संदेश कनौजिया को सपा की जिला कार्यकारिणी में दोबारा जिला उपाध्यक्ष बनाया गया था। इससे नाराज वीरपाल सिंह यादव ने अपने पद से उसी दिन इस्तीफा दे दिया था। अपने इस्तीफे में उन्होंने पद छोड़ने की वजह बिथरी विधानसभा चुनाव की व्यस्तता बताई थी। हालांकि उनके इस्तीफे पर कोई निर्णय अबतक नहीं हो पाया था। शिवपाल सिंह के अध्यक्ष बनने के बाद ही कयास लगाए जाने लगे थे कि वीरपाल सिंह यादव की ताकत लौटाई जाएगी।
कनौजिया से नाराजगी की यह थी वजह
पिछले साल बिथरी ब्लाक प्रमुख चुनाव में वीरपाल समेत अन्य सपा नेताओं का मतदान के दिन विवाद हो गया था। इसको लेकर संदेश कनौजिया का सपा के ही एक नेता के साथ बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ था। इसमें बिना नाम लिए सपा जिलाध्यक्ष के बारे में कई आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। इसे लेकर जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह की संस्तुति पर संदेश कनौजिया को जिला उपाध्यक्ष पद से तुरंत हटा दिया गया था। इसके बाद संदेश कनौजिया दोबारा सीएम दरबार में अपना पक्ष रखकर नौ सितंबर को जिला उपाध्यक्ष का पद हासिल कर लाए थे। इससे ही नाराज होकर वीरपाल ने इस्तीफा दिया था।