बरेली। विपिन गुप्ता पुराने हिस्ट्रीशीटर शेरू यादव का गुर्गा और हिस्ट्रीशीटर ललित सक्सेना का दोस्त था। केलाबाग की एक दुकान की वजह से दोनों की दोस्ती में खटास आ गई थी और एक-दूसरे पर मुकदमे करा रहे थे।
ललित और विपिन ने कुछ साल पहले केलाबाग में रहने वाले युवक को सरेआम गोली मार दी थी। युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसके भाई मनोज यादव ने ललित और विपिन को नामजद कराया था। इस मुकदमे में विपिन और ललित काफी दिनों तक वांछित रहे थे। बाद में विपिन को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया था।
विपिन गुप्ता की पुलिस और नेताओं से दोस्ती है। वह अक्सर सफेदपोशों की सिफारिश पर दशहरा मेले का ठेका लेता था। इससे आई रकम को पुलिसवालों और नेताओं पर खर्च करता था। इसलिए उसकी पकड़ अच्छी थी और वह अक्सर घटनाएं करके बच निकलता था। दो साल पहले विपिन ने जानलेवा हमले के आरोपियों को अपने घर में शरण दी थी। तब बारादरी पुलिस ने विपिन को बचाने की कोशिश की थी, लेकिन इज्जतनगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। उसके खिलाफ एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज मिले। इससे बारादरी पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। विपिन खुद को भाजपा से भी जुड़ा बताता था। ब्यूरो