माचिस कारखाना विमको में दूसरे दिन भी द्विपक्षीय वार्ता पूरे दिन चली लेकिन प्रबंधन ने फिर साफ किया कि कारखाना किसी कीमत पर नहीं चलेगा। वीआरएस पर ही विचार किया जा सकता है। संघर्ष समिति ने अब रविवार को सभी ट्रेड यूनियनों से विचार कर अगली रणनीति तैयार करने की बात कही है।
आईटीसी प्रबंधन ने श्रमिकों से साफ कह दिया कि श्रमिक अगर वीआरएस में रुचि रखते हैं तो इसके पैकेज और दरों पर बात हो सकती है। कारखाना चलाने की कोई योजना नहीं है। शनिवार सुबह 10 से सवा पांच बजे तक चली बातचीत में भी परिणाम नहीं निकला। कई बार माहौल गरम भी हुआ लेकिन अफसर टस से मस नहीं हुए।
संयुक्त संघर्ष समिति ने रविवार को बीएमएस नेता राजेंद्र घिल्डियाल के निवास पर सभी ट्रेड यूनियनों की बैठक बुलायी है। इसमें रणनीति बनेगी। पिछले दो वर्षों से अंदरखाने समझौता प्रक्रिया चला रहे विमको यूनियनों ने अब राजनैतिक दलों से भी सहयोग मांगा है। वार्ता में मुख्यालय से आए एचआर प्रमुख थामस मैथ्यू, वित्त अधिकारी सुरेंद्र सैफानी जीएम अनिरुद्ध गुप्ता, अल्ताफ हुसैन श्रमिकों की ओर माजिद, महेश उपाध्याय, ओमप्रकाश सक्सेना, अशोक तिवारी, भारत सिंह आदि ने भाग लिया।
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दस से आंदोलन
शिवसेना ने आईटीसी उत्पादों का बहिष्कार करने का आह्वान किया है। शिवसेना नेता गोपाल गुप्ता ने कहा है कि सीबी गंज स्थित ऐतिहासिक माचिस फैक्ट्री बंद होने से नौ सौ कर्मचारी परिवार सड़क पर आ जाएंगे और जिले में एक उद्योग बंद हो जाएगा। गुप्ता ने बताया कि शिवसेना इस मामले में दस जनवरी से आंदोलन शुरू करेगी।