विमको बचाने के लिए मैदान पर उतरे ट्रेड यूनियन नेताओं ने मंगलवार को कारखाना परिसर में सभा कर प्रबंधन पर तमाम आरोप लगाए। कहा कि आईटीसी गुंडागर्दी के बूते कारखाना बंद करने और श्रमिकों को गुमराह करने की कोशिश से बाज आए। सभा में सभी श्रमिकों ने हाथ उठाकर वीआरएस न लेने और विमको को चलाने का समर्थन किया।
सुबह विमको कारखाना परिसर में जुटे ट्रेड यूनियन और संघर्ष समिति नेताओं ने कहा कि आईटीसी औद्योगिक अशांति फैलाने का तानाबाना दो साल पहले ही बुन चुका है। इसके तहत साजिशन ऐतिहासिक माचिस फैक्ट्री को बंद करने की साजिश तैयार की गई है। अपना मकसद पूरा करने के लिए विमको प्रबंधन गुंडागर्दी का सहारा ले रहा है। इंटक महासचिव सतीश मेहता ने कहा कि मजदूरों की एकजुटता प्रबंधन के मंसूबों पर पानी फेर देगी। सीटू नेता राजीव शांत ने प्रबंधन को अराजकता फै लाने से बाज आने की चेतावनी दी।
सभा की अध्यक्षता करते हुए वामपंथी नेतापीएल शर्मा ने कहा कि श्रमिक एकजुट है। आठ जनवरी को गोपनीय रूप से कराया गया मतदान से तय कर देगा कि वह लालची भी नहीं है। श्रमिक प्रदेश की पहचान विमको को बचाना चाहते हैं इसलिए एक भी श्रमिक वीआरएस नहीं लेगा। सभा के दौरान सभी श्रमिकों ने हाथ उठाकर वीआरएस न लेने का संकल्प जताते हुए कारखाना चलाने का समर्थन किया। सभा में जगदीश शर्मा, प्यारेलाल, महेश उपाध्याय, माजिद, ओमप्रकाश, अनिल शर्मा, लल्लू सिंह यादव, भारत सिंह, अशोक तिवारी आदि ने कहा कि प्रबंधन झूठ बोलना बंद कर सही स्थिति सामने रखे। सभा के बाद श्रमिकों ने जुलूस निकाल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन किया।