मीरगंज क्षेत्र के गांव तिलमास में तालाब की जमीन पर अतिक्रमण कर लिया गया। शिकायत पर जांच कराई गई तो धर्मस्थल का पीछा हिस्सा तालाब की जमीन पर बना मिला। बाद में ग्रामीण खुद ही इस हिस्से को तोड़ने लगे।
बरेली के मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव तिलमास में तालाब की जमीन पर बने धर्मस्थल के पिछले हिस्से को हटाने के लिए ग्रामीणों ने सोमवार को खुद तोड़ना शुरू कर दिया। इस दौरान पूरे गांव में नाकेबंदी कर दी गई। जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात रहा।
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रविवार को गांव तिलमास के एक युवक ने तालाब की जमीन पर धर्मस्थल का निर्माण करने का आरोप लगाते हुए एक्स पर पोस्ट कर दिया था। इसके बाद पुलिस-प्रशासन चौकन्ना हो गया। कुछ ही देर में एसडीएम तृप्ति गुप्ता, तहसीलदार, राजस्व टीम, सीओ पुलिस फोर्स के साथ पहुंच गए। मौके पर जांच की गई, जिसमें धर्मस्थल का कुछ हिस्सा तालाब की जमीन पर बना मिला। इसकी जांच करते हुए रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई।
इस मामले में एसडीएम से बात की गई तो उन्होंने बताया कि धर्मस्थल का जितना हिस्सा तालाब में बना हुआ है। लोग उसे तोड़ने के लिए स्वयं राजी हो गए। धर्मस्थल पक्ष के लोगों ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि इसका कुछ हिस्सा तालाब में बना हुआ है।